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खुद की लैब में बाल वैज्ञानिक तैयार करेगा ये सरकारी स्कूल

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग सत्र 2018-19 से ही अब बाल वैज्ञानिक भी तैयार करने जा रहा है

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भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा राजेन्द्र मार्ग स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के दिमाग में जिज्ञासा, रचनात्मकता व कल्पना को बढ़ावा देने के लिए 1 जुलाई से ही अटल टिंकरिंग लैब की शुरूआत की जा रही है।

भीलवाड़ा।

शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग ने सत्र 2017-18 में सबसे अधिक छात्र नामांकन दर्ज कराते हुए प्रदेश में तीसरे व अजमेर संभाग में पहले पायदान पर रहकर जिले को गौरवान्वित तो किया ही, लेकिन सत्र 2018-19 से ही अब बाल वैज्ञानिक भी तैयार करने जा रहा है।

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भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा राजेन्द्र मार्ग स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के दिमाग में जिज्ञासा, रचनात्मकता व कल्पना को बढ़ावा देने के लिए 1 जुलाई से ही अटल टिंकरिंग लैब की शुरूआत की जा रही है। यह सब डिजाइन मानसिकता, अनुकूल शिक्षा, भौतिक कम्प्यूटिंग आदि जैसे कौशल विकसित करने में मदद करेगा। बाल मन में प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही वैज्ञानिक सोच भी बढ़ेगी।

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प्रधानाचार्य डॉ. महावीरकुमार शर्मा ने बताया कि स्कूल द्वारा ऑनलाइन अटल इनोवेशन मिशन में किए गए आवेदन को भारत सरकार के नीति आयोग ने मंजूर कर लिया है। जिले के शहरी क्षेत्र में संचालित इस सरकारी स्कूल ओर से योजना का लाभ लेने आवेदन किया गया था। जिसे नीति आयोग की मंजूरी मिल गई है। भीलवाड़ा शहर का यह एकमात्र विद्यालय होगा, जिसमें विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए इस तरह की उच्च कोटि की इनोवेटिव लेबोरेट्री स्थापित होगी।


20 लाख के साथ लैब उपकरण भी

लैब को स्थापित करने के लिए स्कूल को केन्द्र सरकार 10 लाख रुपए देगी। साथ ही लैब के अगले 5 साल तक रख रखाव व संचालन के लिए भी 10 लाख रुपए मिलेंगे। लैब में ऐसे सभी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चे स्वयं खोजपरक चीजें तैयार कर सकेंगे।


ये है नए लैब की विशेषता
एटीएल प्रभारी रतनलाल सुथार के अनुसार विद्यार्थी शैक्षिक व विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, ओपन सोर्स माइक्रो कंट्रोलर बोर्ड, सेंसर व 3डी प्रिंटर व कंप्यूटर पर किट्स, ड्रोन केमरे का संचालन, विभिन्न मैकेनिकल कार्य एवं ऐयरोनोटिक्स की कार्य-प्रणाली के साथ-साथ इसके अनुप्रयोग भी सिखेंगे। विशेष रूप से कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को विभिन्न ओद्योगिक संस्थानों का भ्रमण कराकर प्रायोगिक कार्य द्वारा इस लेब में कार्य करने एवं सीखने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जो बच्चे यहां खोज करेंगे, उन्हें राष्ट्रीय व क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका भी मिल सकेगा।