
मांडलगढ़ में मुख्यमंत्री से मिलने जाते विधायक कीर्तिकुमारी के पिताजी
भीलवाड़ा।
मुख्यमंत्री शनिवार सुबह विश्रांति गृह व हैलीपेड पर किसी भी राजनेता को किसी तरह का कोई संकेत नहीं दिया है। हालांकि सभी को अच्छा काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री केकड़ी रवाना होने से पहले भाजपा के प्रमुख पदाधिकारियों से मिली। मुख्यमंत्री शुक्रवार को डांगी पैलेस में विभिन्न जातियों के प्रमुखों से मिलने के बाद शनिवार को वह खुश नजर आई। लेकिन क्षेत्र का इस का मैसेज गलत गया है। कई जातियों के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने का मौका नहीं दिया तो वे नाराज भी नजर आए।
सीएम ने रवाना होने से पूर्व विश्रांति गृह में भाजपा जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल से चर्चा के दौरान कहा कि माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए चुनाव आचार संहिता से पहले जितने भी काम के उद्घाटन कराने हो करवा लें। इसके लिए किसी भी मंत्री को बुलवाना हो तो भी बता देवें। सरकारी आंकड़ों में माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 30 हजार व्यक्तिगत लाभार्थी है। करीब 30 मिनट तक अग्रवाल, जिलाप्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा, नगर विकास न्यास अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल, राजकुमार आंचलिया, हरिश भट्ट, विनोद ओस्तवाल से चर्चा की। इस दौरान ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह तथा संसदीय सचिव नरेन्द्र नागर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री सिंह से भी करीब 5 मिनट तक अलग से चर्चा की है।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने उनसे शुक्रवार को हुई दिनभर की मैराथन बैठक का फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें सभी प्रमुख लोगों से मिलने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सुबह माण्डलगढ़ में निर्मित अस्थाई हेलिपेड से केकड़ी के लिए रवाना हो गई। उन्हें भाजपा नेताओं व प्रशासन के ऑला अधिकारियों ने विदाई दी। ऊर्जा मंत्री सिंह दोपहर तक मांडलगढ़ पंचायत समिति कार्यालय में ही बैठक कर लोगों से मिलते रहे।दिवंगत विधायक कीर्तिकुमारी के पिता राव चन्द्रवीरसिंह ने मुख्यमंत्री से अलग से बन्द कमरे में करीब 10 मिनट तक चर्चा की थी। इसे लेकर राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि सिंह ने मुख्यमंत्री राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर चर्चा की थी। लेकिन सिंह ने पत्रिका को बताया कि उन्होंने केवल औपचारिक मुलाकात की थी।
रास्ता किया बन्द
माण्डलगढ़ से होड़ा जाने वाला पुराना सड़क मार्ग को कालेज के बास से दो घंटे पहले ही बन्द कर दिया गया था। इसके चलते इस मार्ग पर कोई भी वाहन नजर नहीं आ रहा था। इस मार्ग पर मुख्यमंत्री के आगमन तक सन्नाटा पसरा हुआ था। इससे वाहन चालकों के साथ आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। सभी को बाईपास होकर ही बाहर निकलना पड़ा।
Published on:
14 Oct 2017 07:33 pm

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