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कोरोना ने जोड़ दी शादी से नई रस्म, नो मास्क-नो फेरे

कोरोना ने जिन्दगी व खुशियों के मायने ही बदल दिए। पहले रिश्तेदारों के समय पर नहीं आने व मामा,फूफा आदि के रूठने की आशंका से परिजन चिंतित रहते थे, लेकिन अब परिजनों को यहीं चिंता रहती है कि कही मेहमानों की संख्या ग्यारह से अधिक न हो जाए और कही पुलिस न आ जाए।

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Corona adds new ritual from marriage, no mask-no marrige

Corona adds new ritual from marriage, no mask-no marrige

भीलवाड़ा। कोरोना ने जिन्दगी व खुशियों के मायने ही बदल दिए। पहले रिश्तेदारों के समय पर नहीं आने व मामा,फूफा आदि के रूठने की आशंका से परिजन चिंतित रहते थे, लेकिन अब परिजनों को यहीं चिंता रहती है कि कही मेहमानों की संख्या ग्यारह से अधिक न हो जाए और कही पुलिस न आ जाए।

इतना ही नहीं, कही बाराती जोश में नाच ना बैठे,यह चिंता भी वर-वधू पक्ष को सताए रहती है। ऐसे हालातों व रेड अलर्ट जन अनुशासन कफ्र्यू के बीच शनिवार को भीलवाड़ा शहर में ६१ जोड़े दाम्पत्य जीवन में बंधे। अब मास्क लगाना भी एक रस्म का हिस्सा हो गया है।

महेश मार्ग स्थित एक घर में शनिवार शाम सादगी से शादी हुई। यहां दूल्हा दुल्हन व पंडित समेत कुल ११ जने मौजूद थे। यहां न बैंड बजा और न ही बारात निकली। प्रीतिभोज भी नहीं हुआ। फेर हुए तो सभी के चेहरे पर मास्क थे। दूल्हा-दुल्हन ने भी मास्क में फेर लिए, वही पंडित ने भी मास्क से ही मंत्र बोले। इसी प्रकार मेहमानों को भी मास्क व सैनेटाइजर भी उपहार में दिए गए।


चार विवाह निरस्त, घरों में हुए फेर

उपखंड अधिकारी ओमप्रभा ने बताया कि शनिवार को शहर में ६५ शादी समारोह को लेकर मंजूरी दी गई। इनमें चार शादी निरस्त हो गई। इधर, शादी समारोह के दौरान राज्य सरकार की नई गाइड लाइन की पालना करने के लिए एसडीएम कार्यालय के विवाह प्रकोष्ठ के मुकेश त्रिपाठी आदि ने आयोजकों से समझाइश की, अधिकांश शादी समारोह घर में ही हुए। कंटेंमेंट जोन व जीरो मॉबिलिटी क्षेत्र के आठ परिवारों ने जरूर शादी रिसोर्ट में की।