
मकान के पट्टा की जानकारी जुटाएंगे नगर परिषद के कर्मचारी
भीलवाड़ा।
आपके मकान का पट्टा है या नहीं, यह सवाल नगर परिषद के कर्मचारी बुधवार से हर मकान मालिक से पूछेंगे। किसी के पास पट्टा नहीं है और पट्टा चाहता है तो उसे पूछे सवालों का सही जवाब देना होगा ताकि २ अक्टूबर से प्रशासन शहरों संग अभियान में पट्टा दिलाया जाएगा। जानकारी नहीं देने पर पट्टे से वंचित रह सकते हैं। शहर में सर्वे के लिए मंगलवार को सभापति राकेश पाठक ने जमादारों व अधिकारियों की बैठक ली। इसमें हर वार्ड की सूची बनाई। इसमें मकान मालिक का नाम तक दे रखा है।
सभापित पाठक ने बताया कि ७० वार्ड की सूची जमादारों व कर्मचारियों को सौंप दी। उन्हें केवल मुखिया का नाम, पता, कॉलोनी का नाम, परिवार का जनआधार या भामाशाह नंम्बर, मुखिया का मोबाइल नम्बर, भूखंड का पट्टा है या नहीं की जानकारी लेनी है। पट्टा नहीं है तो उसके दस्तावेज, उस आधार पर मकान या भूखंड का क्षेत्रफल, वर्तमान स्थिति भूखंड रिक्त या मकान बना है, सामने की रोड की चौड़ाई कितने फीट है, डूब क्षेत्र, नदी, नाला, बहाव क्षेत्र, विद्युत हाइटेंशन लाइन हो तो विवरण तथा पट्टे का प्रकार कच्ची बस्ती या स्टेट ग्रान्ट या ६९ए जो स्थिति है उसका फार्म भरना होगा। सर्वे इस सप्ताह पूरा करना होगा। जनआधार या भामाशाह नंबर तथा मुखिया का मोबाइल नंबर इसलिए ले रहे ताकि राज्य व केन्द्र सरकार की योजनाओं से उन्हें जोड़ा जा सके।
सर्वे में आ सकती समस्या
जिन वार्डो में जमादार या सर्किल इंसपेक्टर लगाए हैं, जो दूसरे वार्ड के हैं। जिन्हें मकानों के बारे में पूरी जानकारी भी नहीं है। अधिकारियों को कहना है कि सर्वे में सम्बन्धित क्षेत्र या वार्ड को पूरी तरह से जानने वाले को ही लगाया जाना चाहिए था।
ये तैयारी करनी होगी
जो व्यक्ति पट्टा लेना चाहता है वे संबंधित कॉलोनी के दस्तावेज, प्रथम इकरारनामा व कॉलोनी के नक्शे की कॉपी संबधित भू-अभिलेख निरीक्षक को उपलब्ध करा सकते हैं। पट्टे के लिए चेन ऑफ डॉक्यूमेंट, दो फोटो, पहचान पत्र आदि दस्तावेज तैयार रखने होंगे। भूखंडधारियों को पट्टे मिल सकें, इसलिए सरकार छूट के लिए नियम सरल कर रही है। जिनका एक से अधिक बार विक्रय हो चुका है और उनमें लिंक नहीं मिल रहा है तो ऐसे मामलों में वर्तमान भूखंड धारक को किसी न किसी दस्तावेज के आधार पर पट्टा दिया जाएगा। लिंक के अभाव में पट्टे से वंचित नहीं रहेगा। सीलिंग में आई भूमि पर बसी कॉलोनियों को पट्टे भी दिए जाएंगे। अतिक्रमण नियमन, स्टेट ग्रान्ट एक्ट के तहत पट्टे, कच्ची बस्ती नियमन पट्टे सहित कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों का नियमन होगा।
Published on:
01 Sept 2021 08:27 am
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