
Current death of child in bhilwara
भीलवाड़ा।
शहर के बापूनगर में सिक्योर कम्पनी और डिस्कॉम की लापरवाही ने सोमवार रात को एक बालक की जान ले ली। पेड़ पर लटक रहे 11 हजार केवी के तार को सहीं करवाने के लिए तीन माह से परिवार सिक्योर और डिस्कॉम के चक्कर काट रहा था। अफसरों ने सुनी नहीं और शाम को बारिश के बाद पेड़ में आ रहे करंट से घर के बाहर खेल रहे बालक की मौत हो गई।
घटना से गुस्साए लोगों ने महात्मा गांधी अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष से शव नहीं उठाया। मुआवजे की मांग और जिम्मेदरों पर कार्रवाई को लेकर आधी रात तक प्रदर्शन चला। इससे वहां हंगामा खड़ा हो गया। एमजीएच परिसर छावनी में तब्दील हो गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्र कविया व पुलिस अफसरों की समझाइश के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया।
जानकारी के अनुसार बापूनगर निवासी किशनलाल सोनी के घर के बाहर पेड़ है। निकट से ११ हजार केवी की लाइन गुजर रही। विद्युत लाइन के झूलने से पेड़ की टहनियों से तार छू रहा था। हर पल करंट का अंदेशा बना था। टहनियां कटवाने और तारों को सहीं करवाने के लिए किशनलाल और पडोसियों ने गांधीनगर स्थित सिक्योर कम्पनी और डिस्कॉम दफ्तर के तीन माह से चक्कर काटे। लिखित में शिकायत दी। इसके बावजूद किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
बारिश से दौड़ा करंट, पेड़ से लगा झटका
शाम को शहर में कुछ देर अच्छी बरसात हुई। इससे पेड़ में करंट आ रहा था। रात को किशनलाल का तेरह साल का पुत्र गोपाल घर के बाहर साथियों के साथ खेल रहा था। खेल-खेल मे ंपेड़ के पास जाते ही गोपाल को करंट से झटका लगा। इसके चलते वह दूर जाकर गिरा। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए। उसे आनन-फानन में बापूनगर स्थित सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया।
ना डॉक्टर, नॉ स्टॉफ, बिफरे लोग
सामुदायिक केन्द्र पर ना डॉक्टर और ना स्टॉफ मिलने से लोग बिफर गए। इससे वहां हंगामा खड़ा हो गया। आनन-फानन में एमजीएच लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने गोपाल को मृत घोषित किया। बड़ी संख्या में मोहल्ले और स्वर्णकार समाज के लोग अस्पताल में जमा हो गए। नगर परिषद के पूर्व सभापति ओम नराणीवाल, कांग्रेस नेता हेमेन्द्र शर्मा व मंजू पोखरना, परिषद के उपसभापति मुकेश शर्मा, समाज के कैलाश सोनी व लखन सोनी भी अस्पताल पहुंच गए। परिजन और लोगों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। एमओटी पर ही देर रात तक शव पड़ा रहा। हंगामे पर पुलिस उपाधीक्षक राजेश मीणा समेत कोतवाली व भीमगंज से भी पुलिस जाप्ता वहां पहुंचा। आरएसी को भी बुला लिया गया। लोगों का आरोप था कि क्षेत्रीय पार्षद मीना लिमानी और उनके पति को भी कई बार शिकायत की थी। लेकिन ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद पार्षद पति अस्पताल पहुंचे तो उनको विरोध झेलना पड़ा।
नहीं सुनी तो ठेला आड़े लगाकर सुरक्षा
अफसरों ने ध्यान नहीं दिया तो मृतक के पिता किशनलाल ने पेड़ के आड़े पानी पतासे का हाथ ठेला लगा दिया। ताकी बच्चे पेड़ से दूर रहे और सुरक्षा हो सकें। लेकिन शाम को मालिक ठेला लेकर कहीं गया हुआ था। एेसे में गोपाल पेड़ के पास चला गया। हादसे के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। एक घण्टे तक पेड़ में करंट दौड़ता रहा। उसके बाद बिजली बंद की गई। रात में टहनियां काटी गई।
Updated on:
10 Jul 2018 01:14 am
Published on:
10 Jul 2018 09:13 am
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