
महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में रखे पालने में मंगलवार सुबह मिली एक नवजात
भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में रखे पालने में मंगलवार सुबह एक नवजात कन्या की किलकारी गूंजी। पालने में बच्ची रखने के बाद घण्टी बजते ही नर्सिंगकर्मी उसे लेकर आए। बच्ची को शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कर लिया गया है। बच्ची स्वस्थ है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी ने बताया कि सुबह करीब छह बजे एमजीएच के पालने में कोई नवजात बालिका को छोड़ गया। उसे बाद में चिकित्सालय के अंदर ले जाया गया। नवजात का जन्म रात में ही हुआ। उसका वजन 2 किलो 490 ग्राम है। शहर में पिछले एक पखवाड़े में तीसरी नवजात मिली है। इससे पहले गत 19 सितम्बर को सिविल लाइन के सरकारी आवास के पार्क में एक दिन पहले हुई नवजात बालिका को लावारिस हालत में कोई छोड़कर चला गया था। सांस में तकलीफ होने से उसे अजमेर रैफर किया गया था।
उसके बाद गत 23 सितम्बर की रात एमजीएच के पालने में कोई नवजात को छोड़ गया। नवजात एक पखवाड़े पूर्व हुआ था। उसका वजन 1 किलो 365 किलो था। जो कि सामान्य बालक के वजन से काफी कम है। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बालक प्री-म्योचर हुआ। वह कुपोषण का शिकार था।
रात को ही जन्मी नवजात
नवजात का जन्म रात को ही हुआ और सुबह कोई उसे पालने में छोड़ गया। पालने में बच्चे की रोने की आवाज सुन चिकित्सा कर्मी उसे अंदर ले गए। जहां उसे भर्ती कराया गया।
एक पखवाड़े में तीसरी घटना
एक पखवाड़े में नवजात मिलने की यह तीसरी घटना है। इससे पूूर्व 19 सितम्बर को सिविल लाइन के सरकारी आवास के पार्क में एक दिन पहले हुई नवजात बालिका को लावारिस हालत में कोई छोड़कर चला गया था। उसके बाद गत 23 सितम्बर की रात एमजीएच के पालने में कोई नवजात को छोड़ गया। नवजात एक पखवाड़े पूर्व हुआ था। उसका वजन 1 किलो 365 किलो था। जो सामान्य बालक के वजन से काफी कम है।
Published on:
03 Oct 2017 01:18 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
