भीलवाड़ा. कोठारी नदी से अतिक्रमण, मलबा व कचरा हटाने के अभियान से नगर विकास न्यास व नगर परिषद ने हाथ खींच लिए हैं। बीते एक सप्ताह से यहां तारबंदी के अलावा कोई काम नहीं हो रहा है। नदी में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों ने अतिक्रमण कर रखे हैं।
भीलवाड़ा. कोठारी नदी से अतिक्रमण, मलबा व कचरा हटाने के अभियान से नगर विकास न्यास व नगर परिषद ने हाथ खींच लिए हैं। बीते एक सप्ताह से यहां तारबंदी के अलावा कोई काम नहीं हो रहा है। नदी में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों ने अतिक्रमण कर रखे हैं। कोठारी नदी को साफ-सुथरी करने तथा रिवर फ्रंट बनाने को लेकर राजस्थान पत्रिका अभियान चला रहा है।
एनजीटी के आदेश पर कोठारी नदी के 6 किलोमीटर तक के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर पौधारोपण करना था, लेकिन दोनों निकाय की ओर से एक दिन अतिक्रमण हटाने व झांड़-झंझाड़ के कुछ हिस्से हटाने के बाद वहां काम बंद कर दिया। सामने की ओर अतिक्रमण भरे पड़े हैं।
सीमांकन का काम अधूरा
कोठारी नदी का सीमांकन का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। न्यास अधिकारियों का कहना है अभी एक तरफ से अतिक्रमण हटाया है। सीमांकन राजस्व विभाग को दे रखा है। इस मामले में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ.राजेन्द्र सिंह ने कोठारी नदी के अवलोकन के बाद कहा था कि नदी का सीमांकन जल संसाधान विभाग (सिंचाई विभाग) करता है। राजस्व विभाग देश का सबसे भ्रष्ट विभाग है। इसका सीमांकन जल संसाधन व राजस्व विभाग को मिलकर करना चाहिए। नदी को ग्रीन जोन इसलिए कहते हैं क्योंकि उसमें हरियाली रहती है। एक हिस्सा रेड जोन होता है। जहां कभी बाढ़ आए उसे सुरक्षित रखना चाहिए। पहले नदी से अतिक्रमण हटना चाहिए।
पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू का कहना है कि कोठारी नदी की चौडाई करीब 650 फीट है। 300 फीट बीच के क्षेत्र को पानी के लिए छोड़ने तथा 150-150 फीट में पौधारोपण व भ्रमण पट्टिका की योजना है। अभी पूरी तरह से कोठारी नदी से अतिक्रमण नहीं हटा है। काम धीमी गति से चल रहा है।
तारबंदी का काम जारी
कोठारी नदी किनारे पर केवल तारबंदी की जा रही है। यह कार्य जोधड़ास चौराहे से सांगानेर कोठारी पुलिया तक करीब 6 किलोमीटर तक किया जाना है। एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा।
रफीक मोहम्मद, उद्यान अधीक्षक नगर विकास न्यास
एक तरफ के हटाए झांड़-झंझाड़
जेसीबी के माध्यम से एक साइड में लगे झांड़-झंझाड़ हटाए गए हैं। कोई अतिक्रमण नहीं है। सामने की ओर से नगर विकास न्यास के साथ अतिक्रमण व झांड़-झंझाड़ हटाए जाएंगे।
पारस जैन, प्रभारी राजस्व नगर परिषद भीलवाड़ा