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सिलिकोसिस: जिक्र में जिंदा, फिक्र से नदारद- आचार संहिता के चलते नहीं मिल पाए दो करोड़, कई रोगियों ने आधे उपचार में छोड़ दी दुनिया

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deth from silicosis

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जसराज ओझा
भीलवाड़ा।

चुनावी साल में पहले भले ही जिला प्रशासन ने खनिज ट्रस्ट की राशि बांटने में भले जल्दबाजी दिखाई, लेकिन जो असली हकदार थे, उन्हें सहायता नहीं दी जा सकी। अब चुनाव आचार संहिता प्रभावी होने से भुगतान पर रोक लग गई है। खदानों में पत्थर फोड़कर सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित होकर कई मरीज उपचार के दौरान दुनिया छोड़ गए।

हालांकि मजदूरों की फिक्र का जिक्र हर जगह किया जाता रहा लेकिन, नियमानुसार मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपए नहीं दिए जा सके। इसके लिए डिस्ट्रिक मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से भुगतान करना होता है। सिलिकोसिस मरीजों को उपचार के लिए एक लाख रुपए की सहायता दी जाती है। मरीज की मौत होने पर उसके परिजनों को तीन लाख रुपए और दिए जाते हैं। जिले में बिजौलियां व मांडलगढ़ क्षेत्र के 48 मरीजों को तीन-तीन लाख रुपए देने थे।

पहले इन मरीजों के परिजनों ने चक्कर लगाए। बाद में जिला प्रशासन ने 20 अगस्त को 48 मृतक आश्रितों को तीन-तीन लाख रुपए देने के लिए एक करोड़ 44 लाख रुपए की स्वीकृति जारी कर दी। चौंकाने वाली बात है कि प्रभावित परिवारों को सहायता राशि नहीं मिली। अब आचार संहिता के फेर में राशि उलझ गई है।

हर बैठक में चर्चा, नहीं खरीदी वैन
अफसरों की ढिलाई का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछली चार बैठकों से मरीजों के उपचार के लिए सिलिकोसिस वैन खरीदनी थी। इसकी जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग को दी गई। कोटेशन मंगवाने और फिर निविदा में देरी हो गई, तब तक आचार संहिता लग गई। एेसे में वैन नहीं आ सकी।

नहीं माना गंभीर
ट्रस्ट से करोड़ों रुपए बांट रहे हैं। दूसरी ओर मजदूर सिलिकोसिस से ग्रसित हैं। उनके उपचार के लिए मदद को सरकार ने गंभीर नहीं माना। यही वजह है कि आचार संहिता के कारण पैसा फंस गया। मैंने भुगतान की मांग उठाई है।
विवेक धाकड़, विधायक, मांडलगढ़-बिजौलियां

ऑनलाइन में हो गई देरी
ऑफलाइन स्वीकृति में भुगतान पर रोक है। ऑनलाइन करने में समय लग गया है। इनके भामाशाह कार्ड में मृतकों के नाम हटाने में बहुत देरी हो गई। अब आचार संहिता लगने के कारण भुगतान रुक गया। हमने निदेशक को इसकी अनुमति के लिए पत्र लिखा है।
कमलेश्वर बारेगामा, सचिव, खनिज ट्रस्ट

करना है भुगतान
सिलिकोसिस से ग्रसित मरीजों को राशि का भुगतान करना है। इसके हस्ताक्षर हो गए हैं। आचार संहिता के कारण पैसे अटक गए। हमने निर्वाचन आयोग से अनुमति के लिए पत्र लिखवाया है। उनके हक का पैसा मिलना ही चाहिए।
शक्तिसिंह हाड़ा, जिला प्रमुख व अध्यक्ष खनिज ट्रस्ट

करा दिया जाएगा भुगतान
सिलिकोसिस मरीजों का भुगतान नियमित प्रक्रिया है। आचार संहिता में भुगतान की अनुमति के लिए खनिज ट्रस्ट के सचिव को चुनाव आयोग से अनुमति लेने का पत्र लिखने को कहा गया है। इनका भुगतान करा दिया जाएगा।
शुचि त्यागी, जिला कलक्टर