
भागती दौड़ती जिन्दगी में अधिकांश लोगों की जिन्दगी स्वयं या परिवार के लिए सिमटी हुई है
भीलवाड़ा ।
भागती दौड़ती जिन्दगी में अधिकांश लोगों की जिन्दगी स्वयं या परिवार के लिए सिमटी हुई है। लेकिन कई शख्स एेसे भी है, जो कि स्वयं व परिवार के दायित्व के साथ सामाजिक सरोकार से नाता जोड़े हुए है। समाज सेवा हो गया शहर व जिले के विकास की बात वो सदैव तत्पर रहते है। एेसे ही जुझारू व्यक्तित्वों की संस्था है 'विवेक सेवा संस्थान, इस संस्थान से जुड़ा प्रत्येक सदस्य मानव व समाज सेवा के साथ मूक जीवों के प्रति भी अपने आपको को समर्पित किए हुए है।
इतना ही नहीं संस्थान में सभी एक समान रहे, इसके लिए अध्यक्ष व सचिव की परिपाटी भी क्लब में नहीं है और सभी एक समान सदस्य है। मानव सेवा के साथ ही एकजुटता व समानता की भावना के कारण ही जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस पर संस्थान को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। संस्थान से अमित काबरा, शिव नुवाल, रामचन्द्र मून्दड़ा, सुभाष दूदानी, शुभम छीपा, विजयलक्ष्मी समदानी,सुरेश हिंगड़, बंशीलाल कुमावत, विमला काबरा,सुषमा समदानी, बहादुरसिंह आदि निष्ठता एवं कर्मठता से जुड़े हुए है।
विवेक सेवा संस्थान द्वारा समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों मे उत्कृष्ट सेवाएं दी जा रही है, जिनमे मुख्य रूप से नागौरी गार्डन, भीलवाड़ा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में निराश्रित बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त गौ वंश के उपचार व खाद्य सामग्री की सम्पूर्ण व्यवस्था व देखरेख के साथ ही बिन मां के नवजात गौ वंश को बोटलों के माध्यम से दूध पिलाकर पोषण करना और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से शहरवासियों को गौसेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास भी सभी सदस्यों द्वारा निरन्तर किया जा रहा है ।
भीलवाड़ा के राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में बने आंचल मदर मिल्क बैंक के माध्यम से नवजात शिशुओं को जीवनदायी मां का दूध उपलब्ध करवाने और बैंक की सार सम्भाल कर मातृ एवं शिशु सुरक्षा के लिए आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाकर लाभ पहुंचाना भी संस्थान के मुख्य उद्देश्य में से एक है। संस्थान द्वारा वार्षिक प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है, जिसमे प्रत्येक माह में सर्वाधिक दुग्धदान करने वाली प्रथम तीन माताओं को सम्मानित किया जाता है । संस्थान द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलम्बी बनाने के लिए नि:शुल्क महिला सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का कुशल संचालन भी किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत अब तक 400 महिलाओं को नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण देकर लाभान्वित किया गया है, साथ ही संस्थान द्वारा उन प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने का भी प्रयास किया जा रहा है ।
शहर को पौलिथीन मुक्त करने के उद्देश्य से समय समय पर शहर में कपड़े के थैलों का नि:शुल्क वितरण संस्थान द्वारा किया जाता है। सदस्य भीषण गर्मी में कच्ची बस्तियों व कॉलोनियों में टैंकरों से पेयजल वितरण करते है। संस्थान ने सघन वृक्षारोपण में भी अहम भूमिका निभाई है।
इसी प्रकार मानव सेवा के विभिन्न पहलुओं से संस्थान के सदस्य समर्पित है।
Published on:
29 Mar 2018 12:56 pm
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