
Director Regional Ministry of Textiles VK coli in bhilwara
भीलवाड़ा।
वस्त्रनगरी के उद्यमी चाहे तो भीलवाड़ा के हाथ से मेगा पावरलूम कलस्टर कहीं नहीं जा सकता है। इसके लिए सभी को एक होकर मेहनत करनी होगी। अलग-अलग योजना में एसपीवी बनाकर केन्द्र सरकार की योजना का लाभ ले सकते हैं। इसमें एक से अधिक समूह बनाकर भी एसपीवी बना सकते है।
कपड़ा मंत्रालय भी इस योजना का लाभ भीलवाड़ा को देना चाहती है। यह बात मंगलवार को कपड़ा मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक वीके कोली ने मेवाड़ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्री में आयोजित उद्यमियों की बैठक में कही। कोली ने कहा कि मेगा पावरलूम कलस्टर योजना के लिए समय बढऩा कोई विकल्प नहीं है। जब तक उद्यमी नहीं चाहेंगे तो योजना को मूर्त रूप नहीं दिया जा सकता है।
कोली के साथ मंत्रालय से दो अन्य अधिकारी के अलावा आईएलएण्डएफएस दिल्ली से कलस्टर डवलपमेन्ट विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रशान्त सहित अन्य अधिकारी थे। यह सभी मेगा पावरलूम कलस्टर योजना को लेकर उद्यमियों की राय जानने भीलवाड़ा आए थे। मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स के महासचिव आरके जैन ने बताया कि बैठक में यह बात साफ हो गई कि कलस्टर एक ही जमीन पर न होकर अलग-अलग जगह पर भी हो सकता है।
इसके लिए अलग-अलग भी एसपीवी बनाकर योजना का लाभ ले सकते है। बैठक में पुरानी एसपीवी के बारे में जानकारी ली गई। इस दौरान भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल शर्मा ने कहा कि सरकार टेक्सटाइल उद्योग के लिए कुछ करने को तैयार है। ऐसे में कलस्टर का समय कम से कम छह माह और बढ़ाया जाए ताकि उद्यमी आगे आकर इस पर काम कर सके।
फेडरेशन के महासचिव प्रेम गर्ग ने बताया कि रीको ग्रोथ सेन्टर में फेडरेशन की तीन हजार वर्ग मीटर जगह है। वहां पर कॉमन फैसेलिटी सेन्टर खोला जा सकता है। इसके लिए एसपीवी बनाकर पेश करेंगे। शान्तिलाल पानगडिय़ा, जीसी जैन, राजीव मुखिजा, एसके जैन, सचिन राठी, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक राहुलदेवसिंह आदि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि चैम्बर के प्रयास से ही कलस्टर की अवधि को एक माह के लिए आगे बढ़ाया गया है। जिसकी अवधि जून में समाप्त होने वाली है।
Published on:
20 Jun 2018 01:40 pm
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