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पीएमश्री स्कूलों की मॉनिटरिंग पर तकरार: एपीसी और सीबीईओ उलझे, सीडीईओ ने किया बीच-बचाव

– शिक्षा विभाग की बैठक में हंगामा: समग्र शिक्षा कार्यालय में अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक– सीबीईओ का तर्क- बजट सीधे स्कूलों में आ रहा, तो हम मॉनिटरिंग कैसे करें – कलक्टर के आदेशों का ठीकरा निचले स्तर पर फोड़ने की कोशिश! भीलवाड़ा. जिले के शिक्षा विभाग में पीएमश्री विद्यालयों की मॉनिटरिंग का मुद्दा अब अधिकारियों […]

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Dispute over monitoring of PM Shri schools: APC and CBEO clash, CDEO intervenes

Dispute over monitoring of PM Shri schools: APC and CBEO clash, CDEO intervenes

- शिक्षा विभाग की बैठक में हंगामा: समग्र शिक्षा कार्यालय में अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक- सीबीईओ का तर्क- बजट सीधे स्कूलों में आ रहा, तो हम मॉनिटरिंग कैसे करें

- कलक्टर के आदेशों का ठीकरा निचले स्तर पर फोड़ने की कोशिश!

भीलवाड़ा. जिले के शिक्षा विभाग में पीएमश्री विद्यालयों की मॉनिटरिंग का मुद्दा अब अधिकारियों के बीच टकराव का कारण बन गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों के चिन्हीकरण को लेकर समग्र शिक्षा विभाग के कार्यालय में बुलाई गई ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) की बैठक बुधवार को अखाड़ा बन गई। बैठक में पीएमश्री स्कूलों के बजट और कामों की मॉनिटरिंग को लेकर कोटड़ी सीबीईओ और सहायक परियोजना अधिकारी आपस में उलझ गए। नौबत यहां तक आ गई कि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) को दखल देकर जूनियर अधिकारी को फटकार लगानी पड़ी, तब जाकर मामला शांत हुआ।

यह बैठक मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा) अरुणा गारू और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कल्पना शर्मा के सानिध्य में चल रही थी। इसी दौरान सहायक परियोजना अधिकारी दिनेश कुमार कोली ने पीएमश्री विद्यालयों की मॉनिटरिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए, जिससे विवाद भड़क गया।कैसे शुरू हुआ विवाद और क्या हुई बहस

सीबीईओ का तर्क: बैठक में कोटड़ी सीबीइओ अशोक पारीक ने स्पष्ट कहा कि जब पीएमश्री विद्यालयों का बजट सीधे भीलवाड़ा मुख्यालय से जारी होता है और काम की देखरेख भी वहीं से हो रही है, तो फिर सीबीइओ इसकी मॉनिटरिंग कैसे करे।एपीओ का बेतुका जवाब: इस वाजिब सवाल पर एपीसी दिनेश कोली आवेश में आ गए और बोले, अगर आप मॉनिटरिंग नहीं कर सकते हैं, तो लिखकर दे दें।

सीबीईओ का पलटवार: इस पर सीबीईओ पारीक ने भी कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि जब हमारी दोनों उच्चाधिकारी सीडीईओ और एडीपीसी यहां बैठी हैं, तो आप यह कहने वाले कौन होते हैं?सीडीईओ की फटकार: माहौल तनावपूर्ण होते देख सीडीईओ अरुणा गारू ने तुरंत बीच-बचाव किया। उन्होंने एपीसी कोली को फटकार लगाते हुए कहा कि आप इनको इस तरह कैसे बोल सकते हैं? इसके बाद जाकर बैठक का माहौल शांत हुआ।

जूनियर अधिकारी का निर्देश देना नियमों के खिलाफविभागीय अधिकारियों का दबी जुबान में कहना है कि दिनेश कोली केवल एक सहायक परियोजना अधिकारी हैं। पीएमश्री विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की बैठक या निर्देश देने का अधिकार केवल उच्चाधिकारियों को है। उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में एक एपीसी केवल स्थिति की जानकारी ले सकता है, वह सीबीईओ जैसे पद के अधिकारियों को निर्देश नहीं दे सकता।

कलक्टर के निर्देशों का सीबीईओ पर फोड़ रहे ठीकरापिछले दिनों जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बापूनगर स्थित पीएमश्री विद्यालय में हुई एक बैठक में सख्त निर्देश दिए थे कि सरकार से मिले बजट की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। हकीकत यह है कि इन स्कूलों के लिए सरकार से मिलने वाला बजट सीधे जिला मुख्यालय से पीएमश्री विद्यालयों को भेजा जाता है और भीलवाड़ा से इसकी निगरानी हो रही है। अब कलक्टर के निर्देशों की पालना में हो रही कोताही का ठीकरा सीबीईओ के सिर फोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण यह विवाद सामने आया है।