
जिला परिषद एेसे यूरिनल लगाने जा रहा है, जिनमें नाममात्र पानी इस्तेमाल होगा। ये यूरिनल वाटरलैस होंगे। यह योजना सफल रही तो भीलवाड़ा के सभी सरकारी कार्यालय में एेसे यूरिनल लगाए जाएंगे
भीलवाड़ा।
जिला परिषद एेसे यूरिनल लगाने जा रहा है, जिनमें नाममात्र पानी इस्तेमाल होगा। ये यूरिनल वाटरलैस होंगे। यह योजना सफल रही तो भीलवाड़ा के सभी सरकारी कार्यालय में एेसे यूरिनल लगाए जाएंगे। अभी औसतन एक यूरिनल पर प्रतिदिन 500 लीटर पानी की खपत है। नवाचार सफल रहा तो एक यूरिनल से सालाना 1 लाख 67,900 लीटर पानी की बचत होगी।जिला परिषद के एक अधिकारी ने बताया कि देश में स्वच्छता अभियान के बावजूद सार्वजनिक मूत्रालय-शौचालयों की हालत खराब है। सरकारी कार्यालयों में पानी की कमी के चलते इनमें दुर्गंध आती है।
जिला परिषद जो वाटरलैस यूरिनल लगवाने जा रहा है, वे पूरी तरह इको फ्रेंडली हैं। कार्टिज रि-साइकिल किए जा सकेंगे। एक कार्टिज की लागत 4500 रुपए है। ये एंटी बैक्टीरियल है जो कीटाणुओं और बदबू को पनपने से रोकता है। इसको जैविक सैलेट से भरा जाता है जो यूरिनल्स कक्ष व मल व्ययन प्रणाली के बीच रुकावट बनकर एक दूसरे को अलग करता है। पानी व वायु के संपर्क में न आने के कारण लघुशंका से किसी तरह की गैस नहीं बनेगी व बदबू भी पैदा नहीं होती। इसे साफ करने के लिए मात्र एक लोटा पानी की जरूरत होती है।
वर्क ऑर्डर दिया है
जिला परिषद कार्यालय में आठ वाटरलैस यूरिनल लगाए जाएंगे। मॉस ऑटोमिशन कम्पनी को वर्कऑर्डर दिया है। एक लाख 6400 रुपए व्यय होंगे। यह कार्य एक माह में पूरा करना होगा।
गजेंद्र सिंह राठौड़, सीईओ जिला परिषद
भीलवाड़ा में जिला परिषद पहला सरकारी कार्यालय होगा, जहां आठ वाटरलेस यूरिनल लगेंगे। इससे पहले भीलवाड़ा डेयरी में तीन वाटरलेस यूरिनल लगाए गए हैं।
राहुल श्रीवास्तव अधिकारी मॉस ऑटोमिशन कम्पनी
Published on:
25 Apr 2018 01:51 pm
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