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रोगियों की जान पर भारी डॉक्टरों की हड़ताल, वेंटिलेटर पर सरकारी अस्पताल

राजकीय चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से जिले में चिकित्सा सेवा पर विपरीत असर

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राजकीय चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से सोमवार को महात्मा गांधी चिकित्सालय में लगी रोग‍ियों की कतार

भीलवाड़ा।

राजकीय चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से सोमवार को महात्मा गांधी चिकित्सालय समेत जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य भवनों में चिकित्सा सेवा पर विपरीत असर पड़ा। जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक लगाए जाने के बावजूद सुबह आउटडोर में रोगियों की लम्बी कतारें बनी रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। यहां नर्सिग स्टाफ के सहारे भी व्यवस्था नहीं बनी रह सकी। दूसरी तरफ राजकीय चिकित्सकों के हड़ताल से शहर के निजी चिकित्सालयों के आउटडोर में रोगियों की संख्या बढ़ी है।

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गांवों के हालात बदतर

बिजोलिया राजकीय चिकित्सालय में सोमवार को चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। राजकीय चिकित्सालय में प्रतिदिन 400 के लगभग आउटडोर रहता है चिकित्सकों की हड़ताल के कारण अधिकांश मरीज आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास अपने उपचार के लिए पहुंचे। जिला तहसीलदार भूपेंद्र सिंह ने बिजोलिया राजकीय चिकित्सालय का जायजा लिया।

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मांडल में चिकित्सको की हड़ताल का असर दिखा। कस्बे के शहीद जमना लाल भट्ट (कम्पाउंडर) राजकीय सामुदायिक केंद्र पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आयुष चिकित्सक राजेश कुमार खियाणी को लगाया गया । कम्पाउंडर मरीजो की जांच कर रहे हैं । उपखण्ड अधिकारी सी एल शर्मा ने निरीक्षण किया ।

लाडपुरा कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की हड़ताल के कारण एकमात्र कंपाउंडर उपचार कर रहे हैं। हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सकों की हड़ताल के चलते हुए ग्रामीण अंचल के आगूंचा अस्पताल में भी आज चिकित्सा व्यवस्थाएं प्रभावित रही। डॉ राकेश सिंह के हड़ताल पर जाने के चलते मरीजों को अच्छी खासी परेशानी हुई और उन्हें गुलाबपुरा एवं विजय नगर स्थित निजी चिकित्सालयों का रूख करना पड़ा।

करेड़ा कस्बे में स्थित समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कार्यरत डॉक्टर्स के हड़ताल पर चले जाने से वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आयुष चिकित्सकों को लगाया गया। बेमाली चितम्बा निम्बाहेड़ा जाटान में चिकित्सा व्यव्स्था कपाउंडरों के भरोसे रही।

मांडलगढ़ में उपखंड अधिकारी गोपाल सिंह शेखावत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। वहां जनरल वार्ड की व्यवस्था देखी। साथ आयुष चिकित्सकों से हडताल का फीडबैक लिया।

डॉक्‍टर को नहीं पता कौन सी दवा उपलब्‍ध है, लिस्‍ट देखकर लिखी दवाएं
भीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े चिकित्सालय महात्मा गांधी चिकित्सालय में हड़ताल के चलते चिकित्‍सा व्‍यवस्‍थाएं पटरी से उतर गई। यहां व्यवस्थार्थ लगाए गए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स को चिकित्सालय के स्टोर में कौन—कौन सी दवाएं उपलब्ध है कि जानकारी नहीं थी। आखिर उन्हें लिस्ट दी गई। जिसके आधार पर उन्होंने दवाएं लिखी। जिससे रोगियों को दिखाने में काफी समय लगा। तब तक कतारें लंबी होती रही। मरीज व उनके परिजन दिनभर परेशान होते रहे।
इधर कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला अस्पताल का दौरान कर व्यवस्थाओं का जाजया लिया।