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मनमर्जी से दुकान का निरीक्षण नहीं कर पाएंगे औषधि नियंत्रण अधिकारी

भीलवाड़ा में औषधि नियंत्रण अधिकारी अब अपनी मनमर्जी से किसी भी दुकान का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे। सरकार ने ऐसा साॅफ्टवेयर बनाया है, जिससे हर सप्ताह 5 दुकानाें के नाम जनरेट हाेंगे, जिनका औषधि नियंत्रण अधिकारी निरीक्षण कर सकेंगे।

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मनमर्जी से दुकान का निरीक्षण नहीं कर पाएंगे औषधि नियंत्रण अधिकारी

मनमर्जी से दुकान का निरीक्षण नहीं कर पाएंगे औषधि नियंत्रण अधिकारी

भीलवाड़ा में औषधि नियंत्रण अधिकारी अब अपनी मनमर्जी से किसी भी दुकान का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे। सरकार ने ऐसा साॅफ्टवेयर बनाया है, जिससे हर सप्ताह 5 दुकानाें के नाम जनरेट हाेंगे, जिनका औषधि नियंत्रण अधिकारी निरीक्षण कर सकेंगे। यानी हर डीसीओ काे सप्ताह में प्रदेश से पांच दुकानाें के निरीक्षण का लक्ष्य मिलेगा। वे बिना आदेश किसी दुकान का न निरीक्षण कर सकेंगे और न सैंपल ले सकेंगे।


चिकित्सा विभाग की संयुक्त शासन सचिव निमिषा गुप्ता के अनुसार, सूचना एवं प्राैद्याेगिकी विभाग के विकसित सॉफ्टवेयर के अनुसार, हर डीसीओ का कार्य क्षेत्र पूरा जिला हाेगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और अजमेर में 1 अगस्त से शुरू रेंडमाइज इंस्पेक्शन सिस्टम के सफल हाेने पर 25 अगस्त से इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया। राजस्थान पहला प्रदेश है, जहां इसे लागू किया है। नए साॅफ्टवेयर से प्रदेश के हर डीसीओ काे हर सप्ताह 5 दुकानाें के निरीक्षण का लक्ष्य मिलेगा, लेकिन ये दुकानें वे हाेंगी, जाे सिस्टम रेंडम तरीके से जनरेट करेगा।

इस सिस्टम में डीसीओ के कार्य क्षेत्र की बाधाएं खत्म कर दी गई हैं। इसमें पूरे जिले में किसी भी ब्लाॅक और थाना क्षेत्र की दुकान निरीक्षण के लिए मिलेंगी। किसी दवा दुकान की शिकायत है या अनियमितता कर रहा है ताे उच्च अधिकारियाें की लिखित अनुमति पर ही इस सिस्टम से हटकर निरीक्षण किया जा सकेगा। सरकार का यह कदम प्रदेश के हजारों रिटेल मेडिकल स्टाेर व हाेलसेल दवा विक्रेताओं काे राहत मिलेगी।