
Effect of customs duty: Edible oil prices increased in 15 days
भीलवाड़ा सब्जियों के आसमान छूते भाव के बीच रिफाइंड तेल भी रसोई का बजट बिगाड़ रहा है। महज पंद्रह दिन पहले खुदरा बाजार में रिफाइंड तेल 107 रुपए प्रति लीटर था, जो अब 135 रुपए प्रति लीटर हो गया। कमोबेश यही हाल सरसों के तेल के हैं। व्यापारियों ने बताया कि केंद्र के खाद्य तेल पर सीमा शुल्क बढ़ाने से घरेलू बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी। सीधा असर आमजन पर पड़ा है। व्यापारियों के अनुसार फॉर्चून 140, सोयाबीन 130, मूंगफली 180 से 190 तथा सरसों 160 से 170 रुपए प्रति लीटर है।
तेल के बाद आटा भी महंगा हो गया है। इसमें तीन से पांच रुपए प्रति किलो की तेजी आई है। ब्रांडेड कंपनी का पांच किलो का बैग 150 रुपए के बजाय 170-175 रुपए का हो गया। दीपावली से पहले खाद्य तेल, किराना, सब्जी आदि महंगी हो गई। सूखे मेवों में काजू 700 रुपए प्रति किलो से 1000 रुपए, बादाम 550 रुपए से 650-700 रुपए, फूल मखाने 700 रुपए से 1200 रुपए प्रति किलो हो गए।
बिगड़ा घर का बजट
दो माह में महंगाई बढ़ी है। घरेलू सामान के भाव में बरसों बाद 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। किराना व्यापारी दिनेश पटवारी का कहना है कि किराना की लगातार बढ़ती कीमतों से ग्राहकी पर असर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन होने के बावजूद लोग खाद्य सामग्री कम मात्रा में ही खरीद रहे हैं। किराने से जुड़े घी, आटा, साबुत मसाले सहित अन्य सामानों में भी तेजी आई हैं।
इनका कहना है
त्योहारी सीजन से पहले केंद्र ने सीमा शुल्क बढ़ाया। इससे खाद्य तेलों में तेजी आई है। सर्वाधिक असर रिफाइंड व सरसों के तेल पर पड़ा। लगभग तेल के टीन में तेजी 20 से 75 रुपए की तेजी आई है।
- राजेन्द्र बिड़ला, मंडी व्यापारी
खाद्य तेल 01 सितंबर 20 सितंबर 06 अक्टूबर
Published on:
07 Oct 2024 07:04 pm
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