21 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निजी स्कूलों में नहीं रखे जाएंगे परीक्षा पेपर, सुरक्षा के कड़े पहरे में होगी ‘समान परीक्षा’

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश, 7 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं प्रदेश में आगामी वार्षिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने इस बार कड़े कदम उठाए हैं। राज्य स्तरीय समान परीक्षा योजना सत्र 2025-26 के तहत होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र निजी स्कूलों में नहीं रखे जाएंगे। माध्यमिक […]

2 min read
Google source verification
Examination papers will not be kept in private schools, 'uniform examination' will be conducted under tight security.

Examination papers will not be kept in private schools, 'uniform examination' will be conducted under tight security.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश, 7 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं

प्रदेश में आगामी वार्षिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने इस बार कड़े कदम उठाए हैं। राज्य स्तरीय समान परीक्षा योजना सत्र 2025-26 के तहत होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र निजी स्कूलों में नहीं रखे जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, पेपरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब सरकारी केंद्रों और पुलिस थानों के जिम्मे होगी।

7 से 19 मार्च तक चलेगा परीक्षाओं का दौर

समय-सारणी के अनुसार कक्षा स्तर की समान परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगी। निदेशालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित टाइम-टेबल में शामिल विषयों की परीक्षाएं इसी अवधि में होंगी। अन्य विषयों और प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर तय अंतराल के दौरान किया जाएगा।

सुरक्षा का 'चक्रव्यूह': पीईईओ और थानों में रहेंगे पेपर

पेपर लीक और गोपनीयता भंग होने की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने निजी स्कूलों पर भरोसा कम करते हुए भंडारण की नई व्यवस्था लागू की है। निजी स्कूलों के प्रश्नपत्र संबंधित पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) अथवा शहरी संकुल प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (यूसीइओ) के पास सुरक्षित रखे जाएंगे। प्रश्नपत्रों को रखने के लिए पहली प्राथमिकता पुलिस थानों को दी जाएगी। यदि किसी अपरिहार्य स्थिति में प्रश्नपत्र स्कूल में रखे जाते हैं, तो वहां 24 घंटे सुरक्षा और अनिवार्य रात्रि ड्यूटी लगानी होगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो गिरेगी गाज

विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि परीक्षा से जुड़ी कोई भी गोपनीय सूचना या पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित संयुक्त निदेशक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। परीक्षाओं को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्राचार्य के नेतृत्व में उड़नदस्तों का गठन किया है। ये टीमें परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सकती हैं।