21 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिक्षकों का टोटा: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खाली पदों का अंबार, 86 हजार 369 शिक्षकों के पद चल रहे रिक्त

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्रशासनिक पदों की भारी कमी का खुलासा विधानसभा में हुआ है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में कुल 86,369 पद रिक्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा कमी प्राचार्य, उप प्राचार्य और व्याख्याताओं के पद है। विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 5,445 प्राचार्य […]

2 min read
Google source verification
Teacher shortage: State government schools are rife with vacancies, with 86,369 teacher positions lying vacant.

Teacher shortage: State government schools are rife with vacancies, with 86,369 teacher positions lying vacant.

  • विधानसभा में गूंजा शिक्षा का मुद्दा: माध्यमिक शिक्षा विभाग में रिक्तियों की सूची जारी
  • 5,445 प्राचार्य, 1,036 उप प्राचार्य और हजारों व्याख्याता-शिक्षक पद रिक्त

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्रशासनिक पदों की भारी कमी का खुलासा विधानसभा में हुआ है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में कुल 86,369 पद रिक्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा कमी प्राचार्य, उप प्राचार्य और व्याख्याताओं के पद है। विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 5,445 प्राचार्य एवं समकक्ष तथा 1,036 उप प्राचार्य पद खाली हैं। इसके अलावा व्याख्याता (स्कूल शिक्षा) के विभिन्न विषयों में हजारों पद रिक्त पड़े हैं। इससे सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

गणित-विज्ञान और हिंदी के शिक्षकों का टोटा

आंकड़ों का विश्लेषण करें तो वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड-11) में सबसे बुरा हाल है। इसमें 34,332 पद खाली हैं। इनमें गणित के 8,146, विज्ञान के 5,963 और हिंदी के 5,845 पद रिक्त हैं। वहीं, व्याख्याता श्रेणी में राजनीति विज्ञान 2,264 और हिंदी साहित्य 2,112, इतिहास 1,705, रसायन (साइंस स्ट्रीम) 1,634, जीवविज्ञान 1,469 जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बड़ी संख्या में पद खाली है।

कंप्यूटर शिक्षा और शारीरिक विकास भी दांव पर

सरकार डिजिटल इंडिया की बात तो करती है, लेकिन स्कूलों में 4,636 कंप्यूटर अनुदेशकों के पद खाली हैं। इसी तरह, खेलकूद और शारीरिक शिक्षा के लिए जिम्मेदार 3,404 पीटीआई के पद रिक्त होने से ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।

पढ़ाई पर बुरा असर

शिक्षकों की कमी के कारण कई जगह एक ही शिक्षक को दो-दो विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर है।शिक्षकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर रिक्तियां होने से बोर्ड परीक्षाओं और नियमित कक्षाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। अब नजर सरकार की आगामी भर्ती प्रक्रिया पर टिकी है।

रिक्त पद पद का नाम

  • 5,445 प्रधानाचार्य एवं समकक्ष
  • 1,036 उप प्राचार्य
  • 20,951 प्राध्यापक
  • 34,332 वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड-II)
  • 8,743 अध्यापक लेवल-II
  • 7,706 अध्यापक लेवल-I
  • 3,404 शारीरिक शिक्षक
  • 4,636 कंप्यूटर अनुदेशक
  • 86,369 कुल रिक्त पद