
अमरगढ़ घर घर सर्वे कर दवाइयां बांटती चिकित्सा विभाग की टीम
अमरगढ़।
बुखार और जुखाम की शिकायत पर भर्ती शक्करगढ़ की महिला की महात्मा गांधी अस्पताल में मौत के बाद चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू के संदेह में शव को पॉलीथिन में लपटेकर अंतिम संस्कार के लिए गांव भेज दिया। ग्रामीणों ने पॉलीथिन खोलकर औपचारिकता के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। स्वाइन फ्लू की बात गांवों में फैली तो वहां दहशत की स्थिति हो गई। इससे चिकित्सा महकमा हरकत में आ गया। आनन-फानन में सर्वे करवा कर घर-घर टेमी फ्लू दवा बांटी गई। हालांकि चिकित्सकों विभाग की ओर से महिला के मृत्यु पूर्व लिए गए सेम्पल की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार गत 5 सितम्बर को शक्करगढ़ की महिला को बुखार-जुकाम से हालत बिगडऩे पर भीलवाड़ा के निजी चिकित्सालय ले जाया गया। वहां से उसे एमजीएच भेज दिया गया। चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू के संदेह में सेम्पल लेकर जांच के लिए अजमेर भेज दिया। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला की उसी रात मौत हो गई। स्वाइन फ्लू के संदेह में बुधवार को पॉलिथीन में शव लपेट कर परिजनों को दे दिया गया। ग्रामीण शव लेकर गांव पहुंचे। वहां महिलाओं ने पॉलिथीन खोल दिया। औपचारिकता के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
फैली अफवाह, दहशत में आ गए ग्रामीण
पॉलिथीन को खोल देने से स्वाइन फ्लू गांव में फैल जाने की अफवाह से ग्रामीण दहशत में आ गए। इसका चिकित्सा विभाग को पता लगा तो हड़कम्प मच गया। चिकित्सक आशीष शर्मा के नेतृत्व में सुपरवाइजर आशा तथा किशनलाल मीणा के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया। टीम ने घर-घर सर्वे की दवाइयां बांटी। इस दौरान 17 रक्त के नमूने लिए गए।
18 गड्ढ़ों व नाली में ब्लीचिंग पाउडर, 21 कूलर व टंकियों में मच्छरों को मारने के लिए दवाई डाली गई। जहाजपुर ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संदेह में जांच के लिए भेजा गया सेम्पल नेगेटिव आने से महिला को स्वाइन फ्लू नहीं था। एहतियात के तौर पर गांवों में दवाइयां दी गई है।
Published on:
07 Sept 2017 07:34 pm

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