
पिछले पांच दिन से एक महिला अपने पुत्र के साथ नगर परिषद के आश्रय स्थल पर ठहरी हुई है। लेकिन उसे दोनो समय का खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। हालांकि यहां तैनात चौकीदार अपने स्तर पर दोनों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहा है
भीलवाड़ा।
पिछले पांच दिन से एक महिला अपने पुत्र के साथ नगर परिषद के आश्रय स्थल पर ठहरी हुई है। लेकिन उसे दोनो समय का खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। हालांकि यहां तैनात चौकीदार अपने स्तर पर दोनों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहा है। लेकिन परिषद की ओर से दी जाने वाली सुविधा नहीं मिल पा रही है।
चित्तौडग़ढ़ जिले के भादसोड़ा के पास स्थित हरियाखेड़ा निवासी चांद कंवर पिछले छह-सात माह से अपने पुत्र हिम्मत के साथ भीलवाड़ा में रहकर अपने पैर का मिश्रा हॉस्टिल में उपचार करवा रही है। इसका सारा खर्चा गजाधर मानसिंहका धर्मशाला के संचालक जगदीश मानसिंहका उठा रहे थे।
लेकिन पिछले शनिवार को ही इस महिलाओं को कुछ लोगों ने यह कहकर वहा से रवाना कर दिया था कि अब पैर ठीक है। महिला जैसे-तैसे करके कांवाखेड़ा स्थित नगर परिषद के आश्रय स्थल पर आकर ठहर गई। चांदकंवर ने बताया कि उसके पति का 16 साल पहले ही लम्बी बीमारी के चलते निधन हो गया था। वह जैसे-तेसे उसके व पुत्र हिम्मत का पेट पाल रही थी। लेकिन सड़क हादसे में पैर में फैक्चर होने से भीलवाड़ा आ गई।
उसके पास राशि न होने पर जगदीश मानसिंहका ने अपने ट्रस्ट से महिला उपचार कराया। अब महिला आश्रय स्थल पर रह रही है। परिषद के अनुसार यहां रहने वाले असहाय महिला व पुरुष या बच्चों को दोनो समय का भोजन दिया जाता है, लेकिन महिला को यह नसीब नहीं हो रहा है। महिला ने बताया कि उसे २० रुपए प्रतिदिन के दिए जा रहे है। जबकि दोनों का खाना 40-40 रुपए देकर अस्पताल कैंटीन से ला रहे है यह राशि भी चौकिदार सत्यनारायण अपने स्तर पर कर रहा है। इस सम्बन्ध में जब नगर परिषद के अधिकारियों से जानकारी चाही गई तो उनका कहना है कि महिला अपने बच्चे के साथ पांच दिन से रह रही है। उसे दोनों समय का भोजन दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अब उसके भोजन व नाश्ते की व्यवस्था अन्नपूर्णा रसोई वैन से की जा रही है।
शिक्षकों की समस्या उठाई
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को जयपुर में शिक्षा मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी के साथ बैठक की। संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सियाराम शर्मा ने छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने व केंद्र के समान सातवां वेतनमान देने,1जनवरी 2004 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए नई पेंशन स्कीम बन्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, प्रयोगशाला सहायक से समायोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान स्केल देने, स्कूलों का समय पूर्व की भांति करने की मांग की गई।
Published on:
20 Apr 2018 02:08 pm
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