
पुलिस हिरासत में अवैध वसूली के आरोपी, पत्रिका फोटो
Bhilwara Garnet Mafia: भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में अवैध गारनेट (रेत का सोना) के काले कारोबार में पुलिस की कार्रवाई का डर बैठाकर माफिया से अवैध वसूली करने वालों की पोल खुफिया तंत्र ने खोली थी। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने देर रात चार जनों के खिलाफ कोटड़ी थाने में मामला दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सदर पुलिस उपाधीक्षक (आइपीएस) माधव उपाध्याय की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने उपाध्याय के खिलाफ जांच बैठाई है। पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी अजय पांचाल जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का नजदीकी बताया जा रहा है। खनन माफिया में वर्चस्व की जंग पोल खुलने का बड़ा कारण माना जा रहा है। पिछले काफी काम समय से गारनेट का धंधा चलाने के नाम पर संगठित गिरोह वसूली कर रहा था।
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध वसूली की शिकायत पर विशेष टीम के जरिए चार जनों को हिरासत में लिया। इनसे करीब 6 घंटे तक पूछताछ हुई। उसके बाद मामला दर्ज कर भीलवाड़ा के शिवसुंदर निवासी अजय पांचाल, उदलियास निवासी नंदसिंह उर्फ पिंटू सिंह राजपूत, बीगोद के मोहनपुरा (मुणपुरा) निवासी नारायण गुर्जर तथा कोटड़ी के सालरिया खुर्द निवासी कालू गुर्जर को गिरफ्तार किया। इस मामले की अग्रिम जांच पुर थाना प्रभारी कन्हैयालाल को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार गारनेट का अवैध धंधा चलने देने का झांसा देकर 15-20 अवैध खननकर्ताओं से लाखों रुपए वसूले गए। यह चारों आरोपी गैंग बनाकर वसूली कर रहे थे। यह पुलिस का डर बैठा रहे थे। आरोपियों पर पहले से अवैध खनन, चोरी और मारपीट के कई मामले दर्ज हैं।
विधायक के नजदीकी माने जाने वाले आरोपी अजय पांचाल के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें पांचाल के विधायक के साथ कई फोटो हैं। हालांकि राजस्थान पत्रिका इन वायरल फोटो की पुष्टि नहीं करता है। पांचाल भाजपा का कार्यकर्ता है। वह वर्ष-2011 में युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष था। लेकिन कई समय से संगठन की बैठकों में शामिल नहीं हो रहा था। पिछले दो साल से भाजपा सरकार आते ही विधायक मीणा के नजदीकी बना हुआ था।
अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायत मिलने पर इसकी जानकारी कुछ दिनों पूर्व पुलिस अधीक्षक को दी थी। शिकायत में सदर पुलिस उपाधीक्षक माधव उपाध्याय व अन्य पुलिसकर्मी विष्णु गुर्जर का नाम बताया था। पुलिस अधीक्षक अपने स्तर पर इसकी जांच करवा रहे थे। तीन-चार दिन पूर्व ही कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपी अजय पांचाल एक सामान्य कार्यकर्ता है और चुनाव प्रचार में यहां आया था।
Updated on:
05 Apr 2026 08:12 am
Published on:
05 Apr 2026 08:12 am
