
सरकार दे रही साथ, लेकिन व्यापारी नहीं आ रहे आगे
भीलवाड़ा।
सरकार से ब्याज व शास्ती में छूट के बावजूद व्यापारी कोरोना व लॉकडाउन में बिक्री नहीं होना बताकर एमनेस्टी योजना का लाभ लेने नहीं आ रहे। जांच में कुछ व्यापारियों के लेनदेन में माल गोदाम तक पहुंचने व उन्हें चोरी छिपे बेचने की जानकारी भी आई। कुछ के माल गोदाम में भरा होना सामने आया। कुछ की पुरानी बाकियात निकल रही है। जीएसटी लागू होने से पहले वैट की बाकियात को लेकर सरकार ने एमनेस्टी स्कीम चलाई लेकिन भीलवाड़ा संभाग के व्यापारी इसमें कम रूचि ले रहे हैं। इस योजना में अभी तक 29,153 व्यापारियों ने आवेदन किया व 50.73 करोड का लाभ लिया। हालांकि अब भी ३३ हजार व्यापारियों पर लगभग ४७३ करोड़ रुपए बकाया है। इसमें सर्वाधिक चित्तौडग़ढ़ व राजसमन्द जिले के व्यापारी शामिल हैं। यहां खनन व मार्बल कारोबार अधिक है।
कोरोना में पूरे राज्य में कम आवेदन आने पर राज्य सरकार ने व्यापारियों की परेशानियों को समझते हुए एमनेस्टी स्कीम की समयावधि बढ़ाई है। स्कीम का पहला चरण ३१ जुलाई व दूसरा चरण ३१ अगस्त तक रहेगा। १६ जुलाई से एमनेस्टी जनसम्पर्क पखवाड़ा शुरू किया। विभागीय अधिकारी बकायादारों से सम्पर्क कर रहे है। कर सलाहकारों व सीए एसोसिएशन की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) राज्य कर भीलवाड़ा मोहम्मद हुसैन अंसारी ने बताया कि भीलवाडा संभाग के 29153 व्यापारियों की ओर से रविवार तक 7.79 करोड़ रुपए नगद जमा कराए गए। 50.73 करोड रुपए की छूट मिली। जिले के भीलवाड़ा शहर, औद्योगिक क्षेत्र, बिजौलियां, बीगोद, मांडलगढ, बागोर, गंगापुर, रायपुर, कोटडी, आसींद, गुलाबपुरा इत्यादि स्थानों पर व्यवहारियों से सम्पर्क कर एमनेस्टी स्कीम के तहत आवेदन कर मांग के निस्तारण के लिए अवगत किया जा रहा है। संभाग के राजसमंद, चित्तौडगढ़ व प्रतापगढ़ में भी व्यापारियों से सम्पर्क किया जा रहा है। अब तक भीलवाड़ा संभाग के 881 बकायादारों से व्यक्तिगत सम्पर्क किया जा चुका है।
Published on:
20 Jul 2021 07:47 am
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