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बजरी का ‘संकट’: भीलवाड़ा में 5 लीज बंद, महंगी होगी रेत

भीलवाड़ा जिले में एक बार फिर बजरी का बड़ा संकट हो गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय के एक अहम फैसले के बाद भीलवाड़ा में चल रही 9 में से 5 प्रमुख बजरी लीज तत्काल प्रभाव से बंद हो गई हैं। न्यायालय ने पिछले दो वर्षों में नीलाम की गई जिले की सभी 48 बजरी लीज […]

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Gravel 'crisis': 5 leases closed in Bhilwara, sand will become more expensive.

Gravel 'crisis': 5 leases closed in Bhilwara, sand will become more expensive.

भीलवाड़ा जिले में एक बार फिर बजरी का बड़ा संकट हो गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय के एक अहम फैसले के बाद भीलवाड़ा में चल रही 9 में से 5 प्रमुख बजरी लीज तत्काल प्रभाव से बंद हो गई हैं। न्यायालय ने पिछले दो वर्षों में नीलाम की गई जिले की सभी 48 बजरी लीज को रद्द करने के आदेश दिए हैं। फैसले से न केवल निर्माण क्षेत्र प्रभावित होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी भारी बोझ पड़ना तय है।

खनिज विभाग पर 129 करोड़ का भार

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सरकार को लीज धारकों की ओर से जमा कराई गई राशि वापस लौटानी होगी। इसके तहत भीलवाड़ा खनिज विभाग को 111 करोड़ रुपए और बिजौलियां विभाग को 18 करोड़ रुपए लौटाने होंगे। अदालत के आदेश के बाद लीज धारकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। एक लीज धारक ने बताया कि सरकारी खजाने में जमा राशि तो मिल जाएगी, लेकिन मंशा पत्र, टोर जारी करवाने और जनसुनवाई जैसी प्रक्रियाओं में प्रति लीज 15 से 20 लाख रुपए खर्च हुए हैं। जिले की 48 लीज के हिसाब से यह करीब 7 से 9 करोड़ रुपए होते हैं, जिनकी भरपाई होना मुश्किल है। लीज बंद होने से अवैध खनन को प्रोत्साहन मिलेगा।

अब केवल 4 लीज शेष, बनास में एक भी नहीं

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब जिले में केवल 4 पुरानी लीज ही संचालित रहेंगी, जो मार्च 2023 से पहले की हैं। खास बात यह है कि ये चारों लीजें बनास नदी क्षेत्र से बाहर हैं। सहाड़ा में चंद्रभागा नदी, रायपुर में कोठारी नदी, आसींद व शाहपुरा में खारी नदी में है। ये लीजें भी जुलाई और दिसंबर 2027 तक समाप्त हो जाएंगी। भीलवाड़ा में बनास की बजरी की मांग सबसे अधिक रहती है। अब बनास में एक भी लीज नहीं बचने से कालाबाजारी बढ़ने और अन्य जिलों से बजरी मंगवाने के कारण दाम आसमान छू सकते हैं।

क्यों आया यह फैसला

यह आदेश भीलवाड़ा की संस्था 'डॉ. बृजमोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान' की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। अदालत ने पिछले दो साल की नीलामी प्रक्रिया में खामियां पाते हुए इन सभी 48 लीज (33 भीलवाड़ा व 15 बिजौलियां) को रद्द करने का निर्णय सुनाया। हालांकि न्यायालय ने सभी पक्षोें की सुनवाई 31 अक्टूबर 2025 को पूरी कर ली थी। फैसला मंगलवार को सुनाया गया।