14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Hamirgarh Eco Park कभी देखा है आपने हमीरगढ़ इको पार्क

Hamirgarh Eco Park at bhilwara हमीरगढ़ कन्जरवेशन रिजर्व क्षेत्र में हरी भरी वादियों के मध्य स्थित हमीरगढ़ इको पार्क खूबसूरत होने के साथ ही वन्य जीवों से घिरा हुआ है। यहां का सनसेट प्वाइंट लाजवाब है, वॉच टॉवर से तो भीलवाड़ा शहर तक का जायजा लिया जा सकता है। हालांकि कोरोना का काला साया अभी तक पार्क से नहीं छंट सका है। देश परदेस के पर्यटक अभी भी इको पार्क से दूरी बनाए हुए है।

2 min read
Google source verification
Have you ever seen Hamirgarh Eco Park?

Have you ever seen Hamirgarh Eco Park?,Have you ever seen Hamirgarh Eco Park?,Have you ever seen Hamirgarh Eco Park?

भीलवाड़ा। हमीरगढ़ कन्जरवेशन रिजर्व क्षेत्र में हरी भरी वादियों के मध्य स्थित हमीरगढ़ इको पार्क खूबसूरत होने के साथ ही वन्य जीवों से घिरा हुआ है। यहां का सनसेट प्वाइंट लाजवाब है, वॉच टॉवर से तो भीलवाड़ा शहर तक का जायजा लिया जा सकता है। हालांकि कोरोना का काला साया अभी तक पार्क से नहीं छंट सका है। देश परदेस के पर्यटक अभी भी इको पार्क से दूरी बनाए हुए है। Hamirgarh Eco Park at bhilwara


हमीरगढ़ इको पार्क की जिम्मेदारी वन विभाग संभाले है। यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए घने जंगल एवं वन्य जीवों के बीच पिकनिक स्पॉट विकसित है जोकि इको पार्क के रूप में पहचान बनाए है। यहां टूरिस्ट हट, प्वाइंट व्यू, वॉच टावर, सफारी लांच व गेस्ट हाउस की सुविधा है। यहां के प्रभारी देवकृष्ण दरोगा बताते है कि भीलवाड़ा शहर से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर हमीरगढ़ उपखंड मुख्यालय में इको पार्क स्थित है। यहां जंगली सुअर, हिरण, सेही, जरख, सियार, लोमडी, खरगोश, तीतर, चिंकारा, मोर समेत विभिन्न प्रजाति के वन्य पक्षी व पशु है। इन्ही वन्य जीवों को देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग कोरोना संकट काल से पहले रोजाना आते थे, लेकिन पर्यटकों की संख्या अब घट गई है।

पहाड़ की गोदी में मंदिर, झरने
ईको पार्क घना वन क्षेत्र होने से यहां बड़े वृक्ष है, विभिन्न प्रजातियों के पेड़ भी यहां है। वन क्षेत्र पचास से अधिक प्रजातियों के पौधे व पेड़ जैव सम्पदा को समेटे हुए है। कुण्डों से निकलने वाला पानी बारिश में कलकल करता हुआ आंदित करता है। यहां कलात्मक रैलिंग लुभावनी है। यहां पहाड़ की गोदी में बने मंशा महादेव मंदिर व चामुंडा मंदिर पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते है। यहां ऊंचाई पर सन सेट प्वांइट से शहर व सूर्यास्त का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यहां वॉच टॉवर भी खास है।

सुविधा नहीं, बढ़ गया किराया
राज्य सरकार ने इको पार्क में प्रवेश दरों समेत अन्य सुविधाओं की दरों में गत दो वर्ष के दौरान आंशिक वृद्धि की है। यहां भारतीय नागरिक का प्रवेश शुल्क के साथ ही इको डेव के लिए 5५ रुपए तय है। विदेशी नागरिक पर ये शुल्क 300 रुपए है। जबकि विद्यार्थियों को रियायत देते हुए उनके लिए ये राशि 25 रुपए तय है। इसी प्रकार यहां बने गेस्ट हाउस के विशेष रूम का किराया 7७0 रुपए व साधारण कक्ष का किराया 300 रुपए है। यहां प्लेटफार्म का किराया ११० रुपए जबकि टूरिस्ट हट यानि झोपड़ी का किराया प्रतिदिन 3३0 रुपए तय है। यहां पार्क में प्रवेश पर कार पार्किग के २२० रुपए व बाइक के ३५ रुपए है।

देश के पर्यटन नक्शे पर उभरेगा
देश के पर्यटन स्थल के रूप में इको पार्क को उभारने के प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए सरकार से बजट भी मांगा है, वर्ष २०२० से कोरोना संक्रमण काल के कारण पर्यटकों की आवाजाही घटी है। पार्क की सुरक्षा दीवार को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक किलोमीटर क्षेत्र में पक्की दीवार बनाने के लिए बजट दिया है। यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई और सुविधाएं जुटाने के प्रयास किए जा रहे है।
डीपी सिंह जागावत, उपवन संरक्षक, भीलवाड़ा