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स्मृति वन में बसा भीलवाड़ा का दिल

Heart of Bhilwara settled in Smriti Van वस्त्रनगरी का भी दिल है, यह चौंकने वाली बात नहीं है, क्यूंकि चामुण्डा माता व हरणी महादेव के पहाड़ी क्षेत्र के मध्य विकसित स्मृति वन की बसावट किसी दिल से कम नहीं है। यहां विकसित कृत्रिम झील का आकार तो आसमां से दिल के रूप में ही नजर आता है। इसी दिल के निकट स्मृति वन में अब नगर परिषद शहीद स्मारक बनाएगी। इसके पीछे मकसद शहरी बाशिन्दों के दिल से शहीद जवानों के लिए सलामी रहेगा। इसी झील के समीप नगर विकास न्यास साइकिल ट्रेक भी शुरू कर रहा है।

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Heart of Bhilwara settled in Smriti Van

Heart of Bhilwara settled in Smriti Van

भीलवाड़ा । वस्त्रनगरी का भी दिल है, यह चौंकने वाली बात नहीं है, क्यूंकि चामुण्डा माता व हरणी महादेव के पहाड़ी क्षेत्र के मध्य विकसित स्मृति वन की बसावट किसी दिल से कम नहीं है। यहां विकसित कृत्रिम झील का आकार तो आसमां से दिल के रूप में ही नजर आता है। इसी दिल के निकट स्मृति वन में अब नगर परिषद शहीद स्मारक बनाएगी। इसके पीछे मकसद शहरी बाशिन्दों के दिल से शहीद जवानों के लिए सलामी रहेगा। इसी झील के समीप नगर विकास न्यास साइकिल ट्रेक भी शुरू कर रहा है। Heart of Bhilwara settled in Smriti Van

शहर में हरणी महादेव मंदिर के पहाड़ी क्षेत्र में नगर विकास न्यास द्वारा विकसित स्मृति वन महज दर्शनीय व रमणीय स्थल नहीं वरन् शहर का प्राण वायु केन्द्र है। यहां एक कृत्रिम खुबसूरत झील है जो दिल के आकार में बनी हुई है। इसी झील में सारस समेत कई प्रजातियों के जलचर पक्षी विचरण करते है। झील की चहारदीवारी भी महलों व रजवाड़ों की झलक दिखाती है। यह झील शहरवासियों के लिए सेल्फ ी पाइंट बनी हुई है।

शहर का प्राणवायु केन्द्र

शहर में जितना प्रदूषण होता है, उसके मुकाबले शहर को प्राणवायु इस स्मृति वन से ही मिल रही है। शहर के सबसे बड़े गार्डन में केवल हरियाली ही नहीं, बल्कि दो किलोमीटर का ट्रेक भी है, इसी ट्रेक के पास अब न्यास ने ८५० मीटर का साइकिल ट्रेक भी बनाया है। जहां पर जल्द ही शहर के पर्यावरण प्रेमी साइकिल दौड़ा सकेंगे। यहां बच्चों का खेल जोन व ओपन जिम भी खास है। Heart of Bhilwara settled in Smriti Van

गुलाब से महकता वन
स्मृति वन में अनूठा हर्बल गार्डन है। इसमें कई तरह की वनस्पति एवं कई प्रजातियों के पौधे हैं जो लोगों को आकर्षित करते हैं। यहां पौधों की जानकारी भी साइन बोर्ड पर लिखी है। यहां ग्रीन हाउस भी बना है। यहां का गुलाब पार्क तो लाजवाब है।


खेल जोन व ट्रैक है खास

स्मृति वन में बच्चों के लिए विशेष खेल जोन है। इसमें बच्चों के लिए नाना प्रकार के खेल उपकरण है। इस कारण बच्चों को भी यह जगह बहुत पसंद आती है। शहर के निकट और एकांत में ऐसी जगह लोगों को खूब आकर्षिक करती है। स्मृति वन में दो तरह के ट्रेक है। इसमें एक वाकिंग ट्रेक करीब डेढ़ किलोमीटर का है। इसमें सुबह लोगों की भीड़ लगी रहती है। लोग खुद को फिट रखने के लिए यहां दौड़ लगाने पहुंचते हैं।

दिल्ली व बेंगलूरू के गार्डन जैसा

पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू बताते है कि स्मृति वन वस्त्रनगरी का प्राणवायु केन्द्र है, इसे देखने के लिए देश विदेश से लोग आते है। यह कुल 465 बीघा में फैला है। इसमें डेढ़ सौ बीघा में पहाड़ी व 315 बीघा में गार्डन है। यह दिल्ली के लोदी गार्डन और बेंगलूरू के लाल बाग से भी बड़ा है। प्रदेश में किसी भी शहर के पास इतना बड़ा गार्डन नहीं है।

जिले के शहीदों की कहानी होगी बयां

स्मृति वन शहर की शान है, यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों व लोगों की आवाजाही को देखते हुए नगर परिषद शहीद स्मारक बनाएगी। इसके लिए नगर विकास न्यास ने परिषद को करीब एक बीघा जमीन दी। यह शहीद स्मारक अनूठा होगा, यहां शहीदों से जुड़ी यादें संजोई जाएगी, जिले के शहीदों की शहादत की कहानी भी यह स्मारक कहेगा। यहां जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। निर्माण कार्य पर 25 लाख रुपए प्रस्तावित है।

राकेश पाठक, सभापति, नगर परिषद

पार्क नहीं शहर का दिल
स्मृति वन एक मायने में शहर का दिल है। कोरोना संकट के कारण यहां बीच में अवाजाही रोकी गई, लेकिन अब तय समय में यह पार्क शहरी बाशिन्दों के लिए खुलता है। यहां 850 मीटर लंबा व तीन मीटर चौड़ा साइकिल ट्रैक भी तैयार है जो कि जल्द शुरू होगा। इसके खुलने का समय सुबह चार बजे से सुबह दस बजे तक और शाम को चार से आठ बजे तक का है। यह झील आकाश से दिल के जैसी दिखती है।
मोहम्मद रफीक, उद्यान अधीक्षक, नगर विकास न्यास