
गर्म कंबल ने बिगाड़ा रुई की रजाई का बाजार
रूई की रजाई का बाजार सिकुड़ रहा है। उसकी जगह कंबल का बाजार बढ़ रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों पर गर्म कंबल के बाजार सजे हैं। असल में रूई की रजाई का काम सर्दियां शुरू होने से तीन-चार महीने पहले शुरू होता था। जगह-जगह रुई धुनाई का काम होता था। इससे बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलता था, जबकि अब यह व्यापार सिमट रहा है। अब नोखा की रजाई, ब्लैंकेट, कंफर्ट ब्लैंकेट आदि का चलन बढ़ा है।
भीलवाड़ा में तीन प्रमुख मार्ग पुर रोड, चित्तौड़ रोड तथा अजमेर रोड पर दर्जनों दुकानें हैं, जहां गर्म कंबल ही नजर आते हैं। ये लोग पानीपत से कंबल लाते हैं। फुटपाथ की दुकानों में 450 रुपए से 2 हजार तक की कंबल मिलती है जबकि बाजार में 20 हजार से अधिक के कंबल आ रहे हैं।
एक व्यापारी ने बताया कि अब रूई की रजाई घरों में नहीं मिलती है। नोखा की रजाई मात्र 380 रुपए से 1200 रुपए तक में आ रही है, वह गर्म भी रहती है। ब्लैंकेट 450 रुपए से 21 हजार तक मिल जाती है। फायबर की रजाई भी चलन में है जिसे कंफर्ट ब्लैंकेट कहते है। यह 1300 से 9 हजार तक आसानी से मिल जाती है। ये कंबल समेट कर आसानी से कहीं भी रखी जा सकती है।
रुई धुनाई का काम करने वाली शबाना ने बताया कि पिता तथा दादा कई साल से ये काम कर रहे थे। सर्दियां आने से पूर्व ही बड़े पैमाने पर रुई धुनाई शुरू होती थी। अब रेडीमेड कंबल ने हमारा व्यापार चौपट कर दिया। व्यापारियों ने बताया कि एक दशक पूर्व रूई की रजाइयों का व्यापार अच्छा खासा था। सर्दियों में ही बिक्री कर वर्ष की रोजी-रोटी का जुगाड़ कर लेते थे। अधिकतर लोग 3 से 5 किलो तक की रजाइयां भरवाते थे।
रोजगार का संकट
रुई धुनाई का काम करने वाले व्यापारी व छोटे दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। अब केवल गद्दे बनाने का काम कर रहे हैं। वह भी केवल टैंट व्यवसायियों के लिए। एक दिन में दो-तीन गद्दों की रुई धुनाई का काम मिल पाता है। परिवार के आगे रोजी-रोटी का संकट है। रूई की कीमत अधिक होने से भी लोग रजाई भराने से कतराते हैं। इकराम, रुई धुनाई का व्यापारी
फैक्ट फाइल
300 रुपए किलो देशी रूई
100 रुपए किलो सफेद फायबर
50 रुपए किलो रंगीन फायबर
380 से 1200 रुपए तक की नोखा रजाई
1300 से 9 हजार रुपए तक की कंफर्ट ब्लैंकेट
450 से 21 हजार रुपए तक ब्लैंकेट
Published on:
31 Dec 2023 11:07 am
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
