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बोर्ड कॉपियां जांचने से किया मना तो मिलेगी चार्जशीट

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1 अप्रेल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र को लेकर शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। शिक्षा निदेशक ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग का मुख्य फोकस ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या को शून्य करने, समय पर […]

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If you refuse to check the board copies, you will be charged.

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1 अप्रेल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र को लेकर शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। शिक्षा निदेशक ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग का मुख्य फोकस ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या को शून्य करने, समय पर पाठ्यपुस्तकें पहुंचाने और स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर है। वही 10वी बोर्ड का परीक्षा परिणाम 20 मार्च तक जारी करने की संभावना जताई है।

निदेशक ने कहा है कि 1 अप्रेल को हर हाल में बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए। वहीं 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने में आनाकानी करने वाले शिक्षकों पर सीधी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट थमाई जाएगी। निदेशक ने कहा कि रात 8 बजे भी पुस्तकें आएं तो लेनी होंगी। पाठ्यपुस्तकों का वितरण 6 मार्च से शुरू होगा। एक अप्रेल को पहले दिन ही छात्रों को बांटना होगा।

परीक्षा, कॉपियां और रिजल्ट: चूक बर्दाश्त नहीं

25 मार्च को 5वीं और 8वीं बोर्ड का परिणाम घोषित होगा। कॉपियां जांचने के साथ ही नंबर अपलोड करने होंगे। 10वीं का रिजल्ट 20 मार्च तक जारी होगा। समान परीक्षा 7 मार्च से होगी। इसमें 9वीं के 14 लाख और 11वीं के 11 लाख विद्यार्थी समान परीक्षा देंगे।

गर्ल्स टॉयलेट अनिवार्य

कोई भी स्कूल बिना टॉयलेट के (विशेषकर गर्ल्स टॉयलेट) नहीं होना चाहिए। 8 मार्च से पूर्व इसके लिए स्वीकृति जारी करनी होगी। महिला शिक्षिकाएं बालिकाओं के टॉयलेट चेक करेंगी। वहां पानी की कुंडी, डस्टबिन और सेनेटरी नैपकिन की पहुंच होनी चाहिए। अगर कुंडी टूटी है तो 7 मार्च तक निदेशालय को रिपोर्ट करनी होगी। टॉयलेट मरम्मत के लिए हर जिले को 9 लाख रुपए आवंटित किए जा रहे हैं। इसमें ग्रामीण स्कूलों का चयन प्राथमिकता से होगा।

27 मार्च से प्रवेशोत्सव, घर-घर जाएंगे शिक्षक

ड्रॉपआउट बच्चों और कभी स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को उनकी आयु के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। इस वर्ष 3 से 18 वर्ष के बच्चों को शिक्षक ऐप के जरिए ट्रैक किया जाएगा। इस सत्र में ढाई लाख आंगनबाड़ी के बच्चों को स्कूलों में नामांकित करना होगा। प्रवेशोत्सव चार चरणों में चलेगा। पहला चरण 27 मार्च, दूसरा 6 अप्रेल, तीसरा 10 अप्रेल और चौथा चरण 15 अप्रेल को होगा। सभी शिक्षकों की ड्यूटी सर्वे में लगेगी। 16 मार्च तक गूगल शीट भरकर देनी होगी।

31 मार्च तक डीपीसी की उम्मीद

वीसी में शिक्षकों के प्रशासनिक कार्यों पर भी चर्चा हुई। सभी पीओ को निर्देश दिए गए हैं कि अस्थाई वरिष्ठता सूची में सभी सेकंड ग्रेड शिक्षकों के नाम और योग्यता की एंट्री सर्विस बुक के अनुसार चेक करें। साथ ही रिव्यू वाले व्याख्याताओं की सूचना तुरंत भेजें। 31 मार्च तक सेकंड ग्रेड से फर्स्ट ग्रेड की डीपीसी होने की पूरी उम्मीद है।