
In Sukhadia Stadium, the year of 1985-19 cricket will be seen again.
भीलवाड़ा। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी भीलवाड़ा में जलवे दिखा सकेए इसके लिए राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) ने सुखाडि़या स्टेडियम को प्रदेश के पांच श्रेष्ठ स्टेडियम में शामिल करने की तैयारी कर ली है। राजस्थान क्रिकेट संघ सुखाडि़या स्टेडियम को गोद लेने के लिए जिला प्रशासन के साथ करार (एमओयू) करेगा। जिला प्रशासन ने भी इसे देश के प्रमुख स्टेडियम में शामिल करने के लिए एमओयू करने के संकेत दिए हैं। सबकुछ ठीक रहा तो स्टेडियम में १९९५-९७ में हुए अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय क्रिकेट के दिन फिर लौटेंगे।
बीसीआइ व आरसीए की खींचतान में जिला क्रिकेट संघ के उलझ जाने से स्थानीय क्रिकेट को खासा नुकसान हुआ है। प्रदेश के बड़े स्टेडियम में शामिल होने के बावजूद यहां राष्ट्रीय व प्रांतीय क्रिकेट गतिविधियां ठप हो गई। आरसीए के हाल ही हुए चुनाव तथा बीसीआइ के समर्थन के बाद सुखाडि़या स्टेडियम में फिर बड़े क्रिकेट मैच की आस बंधी है।
होगा कायापलट: नाहर
जिला क्रिकेट संघ सचिव के साथ ही आरसीए संयुक्त सचिव का दायित्व संभाल रहे महेन्द्र नाहर ने बताया कि आरसीए की बैठक मेंहर साल पांच जिलों में अच्छे क्रिकेट मैदान बनाने का निर्णय किया गया है। पहले वर्ष जयपुर, उदयपुर के बाद भीलवाड़ा में अच्छा सेंटर बनाएगी। आरसीए के पास भीलवाड़ा में स्टेडियम नहीं है। जिला खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र सुखाडि़या स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स के अधीन सुखाडि़या स्टेडियम है। आरसीए चाहता है कि सुखाडि़या स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिता के अनुरूप तैयार किया जाए। मैदान की मिट्टी, घास बदलने और दर्शकदीर्घा में सुधार व पूरे स्टेडियम के कायापलट की तैयारी है।
आरसीए एमआेयू को तैयार
नाहर ने बताया कि स्टेडियम के विकास व प्रथम श्रेणी क्रिकेटों मैचों के लिए यहां सुविधा जुटाने के लिए आरसीए ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इस संदर्भ में जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट के साथ बैठक भी की है। उनका रुख सकारात्मक है।
राष्ट्रीय क्रिकेट से जुडऩा बड़ी उपलब्धि: भट्ट
सुखाडि़या स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स के चेयरमैन एवं जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि सुखाडि़या स्टेडियम की उपयोगिता अधिक से अधिक हो। यहां राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताएं कराने के प्रयास होने चाहिए। प्रथम श्रेणी के क्रिकेट मैच और राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेलते हैं तो बड़ी उपलिब्ध होगी। जिला प्रशासन हरसंभव मदद को तैयार है।
याद है १९७९-८० में लगे लम्बे छक्के
भीलवाड़ा में अंतिम बार रणजी ट्रॉफी के मुकाबले १९७९-८० में रिजर्व पुलिस लाइन में हुए थे। राजस्थान ने एमपी व रेलवे के साथ दो मैच खेले थे। राजस्थान के सलीम दुर्रानी, पार्थसारथी शर्मा, पदम शास्त्री ने कई लम्बे छक्के लगाए थे। सुरेश शास्त्री, बृजेश पटेल तथा संजू मुत्कवी व उनके भाई अंजू का भी बल्ला खूब चला था।
आए भारतीय स्टार खिलाड़ी
जिला क्रिकेट संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशोर केवलरमानी बताते है कि सुखाडि़या स्टेडियम में विल्स ट्रॉफी के तहत वर्ष १९९७ में बांग्लादेश एकादश ने विल्स एकादश व बोर्ड एकादश के साथ मैच खेले थे। इनमें भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर वैंकटेश प्रसाद, अजय जडेजा, सुनील जोशी, सबा करीम व रोहन गावस्कर छाए रहे। जडेजा ने यहां शतक भी जमाया।
देवधर ट्रॉफी का रहा मैच
सुखाडि़या स्टेडियम में मार्च १९९५ बीसीआइ की देवधर ट्रॉफी के तहत सेंट्रल जोन व नार्थ जोन के बीच मैच हुए। विक्रम राठौड़, प्रवीण आमरे, अतुल वासन, राजेश चौहान व अजय शर्मा ने बल्ले व गेंद से कमाल दिखाया।
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चाहर भीलवाड़ा में भी ले चुके विकेट
स्टेडियम में अंतिम बार प्रथम श्रेणी के क्रिकेट मैच वर्ष २०१२ में सीके नायडू क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत हुए। इसमें राजस्थान व कर्नाटक के बीच अहम मुकाबला हुआ। बांग्लादेश के खिलाफ टी-२० में भारत की तरफ से सात रन देकर छह विकेट लेने वाले राजस्थान के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने इसी मैदान पर कर्नाटक के भी विकेट गिराए थे। मंयक अग्रवाल ने भी कर्नाटक से खेलते हुए यहां दोहरा शतक जमाया। स्टेडियम में इसी साल राजस्थान का मुकाबला मुम्बई व हिमाचल प्रदेश से हुआ था
Published on:
14 Nov 2019 12:01 pm
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