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एक और कठुआ और उन्नाव : मां की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई कि वृद्धा को बनाया दरिंदगी का शिकार

शराब पीकर हैवान बने युवक की करतूत ने शहर को एक बार फिर शर्मसार कर दिया

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शराब पीकर हैवान बने युवक की करतूत ने शहर को एक बार फिर शर्मसार कर दिया। बाड़े में सो रही वृद्धा को अकेली देखकर रात में युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीडि़ता चीखी-चिल्लाई, लेकिन आरोपित हैवानियत पर उतर गया

भीलवाड़ा।

शराब पीकर हैवान बने युवक की करतूत ने शहर को एक बार फिर शर्मसार कर दिया। बाड़े में सो रही वृद्धा को अकेली देखकर रात में युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीडि़ता चीखी-चिल्लाई, लेकिन आरोपित हैवानियत पर उतर गया। महिला ने बुधवार सुबह सुभाषनगर थाने में आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की हरकतों की वजह से बाइस साल पूर्व बहिष्कार कर गांव से निकाल दिया था। तब से वह भीलवाड़ा रह रहा था।

कार्यवाहक थानाधिकारी प्रहलादसिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र में रहने वाली 65 वर्षीय महिला बाड़े में बने कमरे में अकेली रहती थी। देर रात मोड़ का निम्बाहेड़ा हाल कुवाड़ा खान कच्ची बस्ती (भीलवाड़ा) निवासी कैलाश खटीक दीवार कूदकर अंदर घुस गया। कमरे सो रही वृद्धा का मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। बुधवार सुबह पीडि़ता सांगानेरी गेट चौकी पहुंची। उसने पुलिसकर्मियों को हालात बताए। पीडि़ता ने बताया कि आरोपित को पहचानती है। आरोपित कैलाश खटीक (40) अहिंसा सर्किल के निकट कबाड़ी का धंधा करता है। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल करवाया। उसके बाद आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपित को दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कैलाश ने बताया कि मंगलवार दोपहर उसकी मां का निधन हुआ था। रात में उसने शराब पी और पीडि़त को पहचानने और बाड़े में अकेली होने का उसे पता था। इसके चलते उसने वहां घुसकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद वहां से भाग गया।

पहले भी कर चुका किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास

पूछताछ में सामने आया कि वर्ष-1997 में आरोपित ने आसींद थाना क्षेत्र में रहने वाली किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास किया था। इससे क्षुब्ध होकर किशोरी ने बाद में कुएं में छलांग लगाकर जान दे दी थी। आसींद थाना पुलिस ने कैलाश को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। उसे बाद में सजा भी हुई। वर्ष-2001 तक सजा काटी। उच्च न्यायालय से दोषमुक्त हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपित कैलाश का सामाजिक बहिष्कार कर मोड़ का निम्बाहेड़ा से निकाल दिया था। उसके बाद से वह भीलवाड़ा में रह रहा था।

पैरोल पर छूटा, वापस गया नहीं

सजा काटने जाने के दौरान आरोपित कैलाश को पैरोल पर भी छोड़ा गया था। बाद में पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद गया ही नहीं। उसके खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में सेंट्रल जेल प्रशासन मामला भी दर्ज कराया था। उसे बाद में गिरफ्तार करके जेल दिया था।