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महंगाई राहत ​​शिविर ने मृत्यु भोज से दिलवा दिया छुटकारा

राजस्थान में महंगाई राहत शिविर राज्य सरकार की दस जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के लिए आम जनता के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। लेकिन चित्तौड़गढ़ जिले में यह राहत शिविर एक परिवार के लिए सामाजिक कुरीति के खिलाफ आवाज उठाने में मददगार भी साबित हुआ।

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महंगाई राहत ​​शिविर ने मृत्यु भोज से दिलवा दिया छुटकारा

महंगाई राहत ​​शिविर ने मृत्यु भोज से दिलवा दिया छुटकारा

चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में दो दिवसीय प्रशासन गांवों के संग अभियान एवं महंगाई राहत कैंप में शुक्रवार को एक परिवार को मृत्यु भोज से राहत मिल गई। यहां शिविर में परिवादी मिठू लाल ने एक परिवाद पेश कर बताया कि मेरे भाई भोनी राम की मृत्यु 3 मई 2023 को हो गई। जिसका पगड़ी दस्तूर 16 व 17मई को है। जिसमें परिवार की आर्थिक स्थिति व सरकार की मृत्यु भोज पर पाबंदी को देखते हुए परिवार वालों ने मृत्यु भोज नहीं कर रीति रिवाज से क्रिया कर्म करने का निर्णय लिया।

लेकिन हमारे परिवार में ही दूर के भाई गण हमारे घर पर जबरदस्ती बैठक करा कर हजारों लोगों का हलवा पूरी बना डाला तथा सभी जगह पत्रिका बांटवा रहे हैं और मृत्यु भोज के दिन 15000 लोगों का खाना बनवाने के लिए उतारू हैं। विरोध करने पर गाली गलौज कर मेरे भाई के बेटों व मेरे बेटों सहित पूरे परिवार को मारपीट करने पर उतारू है तथा बर्बाद कर डालने की धमकियां दे रहे हैं।

शिविर प्रभारी एवं एसडीएम रामसुख गुर्जर ने इस पर तत्परता दिखाई। उन्होंने शिविर से ही तहसीलदार गजराज मीणा और थानाधिकारी शिव लाल मीणा को तुरंत प्रभाव से मौके पर भेजा। सरकार की मंशा अनुसार मृत्यु भोज नहीं कराए जाने के लिए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। इस पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर समझाइश की और रिश्तेदारों को मृत्यु भोज नहीं करने के लिए पाबंद करवाया । जिससे मिठू मृत्यु भोज से राहत पाकर खुशी- खुशी घर लौटा।