
Initiative to increase farmers' income: State level workshop on Hi-tech Horticulture and Processing at Arjia
खेती को मुनाफे का सौदा बनाने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तहत बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र आरजिया (भीलवाड़ा) में राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई। उद्यान विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में हाईटेक उद्यानिकी फल एवं सब्जी प्रसंस्करण तकनीक पर मंथन हुआ। कार्यशाला में भीलवाड़ा के अलावा ब्यावर, पाली, चित्तौड़गढ़, टोंक और अजमेर जैसे आसपास के जिलों से लगभग 100 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया और खेती की उन्नत विधियों की बारीकी सीखी।
कार्यशाला के प्रायोजक एसएस राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को जिला स्तर पर उद्यानिकी और फल-सब्जियों के प्रसंस्करण की नवीनतम और उन्नत विधियों से परिचित कराना है, ताकि वे अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने किसानों को कई जानकारियां दीं। क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक एसएस लखावत ने फलों की उन्नत किस्मों की जानकारी देते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा की सहायक प्राध्यापक सुचित्रा दाधीच ने फल बगीचों के लिए आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक ललित छाता ने फलदार वृक्षों में लगने वाले रोगों और कीटों से बचाव व उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीके बताए। शस्य विज्ञान के प्रोफेसर केसी नागर ने बगीचों में पानी के उचित प्रबंधन और खरपतवार नियंत्रण की तकनीकें साझा कीं। मुख्य अन्वेषक एलएन महावर ने किसानों को फूलों की व्यावसायिक खेती की जानकारी दी। उद्यानिकी विभाग के प्रोफेसर वीरेन्द्र सिंह ने फल एवं सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और उनका मूल्य संवर्धन करने वाली आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों के बारे में बताया। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार जैन ने कृषि विभाग की ओर से किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। संचालन गोपाल लाल गुर्जर ने किया।
Published on:
08 Mar 2026 09:33 pm
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