
Jal Shankar Mahadev sits under a 15-foot high peak; the natural idol brought from Omkareshwar was consecrated.
भीलवाड़ा शहर के पास सटे हलेड स्थित जल शंकर महादेव मंदिर में पंचकुटी महायज्ञ एवं मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार और शिव के जयकारों के बीच 15 फीट ऊंचे शिखर के ठीक नीचे भगवान जल शंकर महादेव की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस ऐतिहासिक और धर्ममय आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन का मुख्य आकर्षण भगवान शिव की वह प्राकृतिक प्रतिमा रही, जिसे मध्य प्रदेश के पवित्र ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर से विशेष रूप से मंगवाया गया था। करीब डेढ़ फीट ऊंची इस अद्भुत प्राकृतिक प्रतिमा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवभक्तों ने हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरे हलेड को शिवमय कर दिया।
संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान अंचल के संतों के सानिध्य और मार्गदर्शन में हुआ। अनुष्ठान में निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण शास्त्री, काठिया बाबा बनवारी शरण, हाथी भाटा आश्रम के संत दास, पंचमुखी रीको एरिया स्थित मोनी बाबा की चौकी बलिया लाल बाबा, यज्ञ आचार्य, बासा का खेड़ा मुरली मनोहर शर्मा ज्योतिषाचार्य अंबालाल जाट और राज जीया ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाणा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, पूर्व सरपंच लाड देवी आचार्य थे। बालू आचार्य ने बताया कि महायज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा की पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन किया गया।
Published on:
23 Feb 2026 09:02 am
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