
Janmashtami Festival in Bhilwara
जन्माष्टमी पर्व पर शनिवार रात शहर का संकट मोचन हनुमान मंदिर आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना रहा। नगर परिषद चौराहे से लेकर गोलप्याऊ चौराहे तक कृष्ण भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही। हर कोई बस भगवान के जीवन प्रसंगों से जुड़ी आकर्षक झांकियों के दर्शन के लिए आतुर दिखाई दिया।
आधे किलोमीटर तक लगी कतारें
रात आठ बजे बाद मंदिर के बाहर भक्तों का जनसैलाब इतना बढ़ गया कि कतारें आधे किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गई। जयकारों से गूंजते वातावरण में हर कोई झांकियों के दर्शन के लिए बेताब था। मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज स्वयं व्यवस्था की निगरानी करते रहे ताकि कोई भी भक्त दर्शन से वंचित न रहे।
आकर्षक विद्युतचलित झांकियां
मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया गया। करीब दो दर्जन विद्युतचलित झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। इनमें प्रमुख रही कालियादेह नागलीला, गोवर्धन पर्वत उठाना, माखन चोरी, द्रौपदी चीरहरण, राधा कृष्ण रासलीला, सुदामा चरित्र, यशोदा द्वारा कान्हा को पकड़ना, गोपियों के वस्त्रहरण,
बैलगाड़ी सवारी व नौका विहार आदि। दिल्ली, आगरा, मथुरा व सहारनपुर से आए 20 कारीगरों की टीम ने इन झांकियों को तैयार किया। अधिकांश झांकियां हवा में उड़ती हुई प्रतीत हो रही थीं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।
भगवान को चढ़ा डायमंड चोला
इस अवसर पर हनुमानजी महाराज को डायमंड का चोला चढ़ाया गया। मध्यरात्रि बारह बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हुआ, मंदिर परिसर "नंद के घर आनंद भयो..." के जयकारों से गूंज उठा। महंत बाबूगिरी महाराज ने महाआरती कर पंचामृत से भगवान लड्डूगोपाल का अभिषेक किया और पंजीरी व माखन-मिश्री का भोग लगाया।
भक्तों में सेल्फी का क्रेज
झांकियों के समक्ष भक्तगण अपने परिजनों व मित्रों के साथ सेल्फी लेते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी इन झांकियों की तस्वीरें और वीडियो देर रात तक वायरल होते रहे।
मुख्य आकर्षण
Published on:
16 Aug 2025 09:44 pm
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