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किशनगढ़ हवाई अड्डा बंद, भीलवाड़ा उद्योग पर पड़ रहा प्रभाव

मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखा पत्र

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किशनगढ़ हवाई अड्डा बंद, भीलवाड़ा उद्योग पर पड़ रहा प्रभाव

किशनगढ़ हवाई अड्डा बंद, भीलवाड़ा उद्योग पर पड़ रहा प्रभाव

भीलवाडा. अजमेर जिले के किशनगढ़ में स्थापित हवाई अड्डा बंद होने के कगार पर है। यहा पिछले पांच साल के भीतर उड़ान संचालन पर संकट बना हुआ है। इसका शुभारंभ 11 अक्टूबर 2017 को किया गया।लेकिन वर्तमान औसत एक भी उड़ान संचालित नहीं होती है। स्पाइसजेट की सभी 3 उड़ानें भी रोक दी गई हैं और अब केवल स्टार एयर की उड़ानें संचालित होती हैं। पिछले साल सर्दियों में जहां किशनगढ़ एयरपोर्ट से रोजाना 5 से 6 फ्लाइट्स चल रही थीं, वहीं अब हर दिन एक फ्लाइट के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उड़ानों का संचालन नहीं होने के कारण अब यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए पहले जयपुर हवाई अड्डे तक जाना पड़ता है। शुरुआत में एयरलाइंस ने यहां बहुत जोर-शोर से उड़ान संचालन शुरू किया। लेकिन एविएशन सेक्टर में मंदी के माहौल में अब एयरलाइंस उड़ानें चलाने से परहेज कर रही हैं।

भीलवाड़ा के प्रमुख औद्योगिक संगठन मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर किशनगढ़ हवाई अड्डे से विभिन्न हवाई सेवाएं चालू रखने का आग्रह किया है।
महासचिव आरके जैन ने बताया कि पूर्व में वसुन्धरा राजे सरकार के समय मेवाड़ चेम्बर ने राज्य सरकार से हमीरगढ़ हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का अनुरोध किया था। उस समय राज्य सरकार ने किशनगढ़ को जयपुर के सहयोग एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने एवं यहां से सभी हवाई सेवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लगभग 300 करोड़ की लागत से विकसित किशनगढ़ एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए एवं बाद में मुंबई, सूरत, इन्दौर, अहमदाबाद, हैदराबाद के लिए नियमित हवाई सेवाएं प्रारम्भ की गई थी। किशनगढ़ के मार्बल व्यापार व भीलवाडा के टेक्सटाइल उद्यमियों के लिए किशनगढ़ से दिल्ली, मुम्बई, इन्दौर, सूरत अत्यंत उपयोगी साबित हुई।

जैन ने बताया कि पिछले दो-तीन माह से लोड फैक्टर के नाम से किशनगढ़ से हवाई सेवाएं एक-एक करके बंद की जा रही है। वहां से लगभग सभी हवाई सेवाएं बन्द हो चुकी है। चेम्बर ने सिंधिया को किशनगढ़ एयरपोर्ट को बचाने एवं किशनगढ़, भीलवाडा के व्यापार एवं निर्यात में यहां की हवाई सेवाओं की उपयोगिता देखते हुए उन्हें यथावत चालू रखवाने का आग्रह किया। इस मामले में राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एसएन मोदानी जल्द ही सिंधिया से मिलकर समस्या से अवगत करवाएंगे।