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स्कूलों में बच्चों के लिए बनेंगे किचन और न्यूट्रीशन गार्डन

ताजा सब्जियों से बनेगा भोजन, सप्ताह में मिलेगा फल भी

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Kitchens and nutrition gardens will be built for children in schools

Kitchens and nutrition gardens will be built for children in schools

एक जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से राज्य के विद्यालयों में मिड-डे मील को और अधिक पौष्टिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। स्कूल परिसरों में किचन गार्डन और न्यूट्रीशन गार्डन विकसित किए जाएंगे। इनमें पालक, मैथी, धनिया, मिर्च, टमाटर, नींबू जैसी सब्जियां उगाई जाएंगी।

यह पहल बच्चों को स्वस्थ भोजन देने के साथ-साथ हरित शिक्षा से भी जोड़ेगी। राज्य स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त की ओर से प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाना परोसने से पहले स्वाद परीक्षण किया जाएं। खाद्यान्न, मसाले, दाल व तेल आदि निर्धारित मात्रा में ही उपयोग में लिए जाएं।

चपाती में भी घुलेगी सेहत

आटे में बथुआ, मैथी, लौकी, धनिया जैसी हरी सब्जियां मिलाकर बच्चों को चपाती परोसी जाएगी, ताकि पोषण के साथ स्वाद भी बढ़े। दाल, खिचड़ी और सब्जी को प्रेशर कुकर में पकाकर अधिक पोषक और स्वादिष्ट बनाया जाएगा।

हर सप्ताह मिलेगा मौसमी फल

सप्ताह में एक दिन बच्चों को मौसमी फल देने का भी निर्देश है। सर्दियों में अमरूद और अन्य मौसमों में केला अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। साथ ही फोर्टीफाइड आटा, तेल, चावल व दाल के प्रयोग पर भी जोर रहेगा। भोजन पकाने और परोसने की प्रक्रिया में बर्तनों, स्थानों और खाद्य सामग्री की स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे बच्चों की सेहत और भोजन की गुणवत्ता दोनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।