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जानिए कौन हैं राजस्थान की माही गोस्वामी, जिन्हें मिला मिसेज एशिया आइकन वर्ल्ड अवार्ड

भीलवाड़ा की बेटी माही गोस्वामी (Mahi Goswami) को मिसेज एशिया आइकन वर्ल्ड 2024 एन रतनश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। अवार्ड सेरेमनी का आयोजन दिल्ली की लक्सेरा होटल में किया गया।

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भीलवाड़ा की बेटी माही गोस्वामी (Mahi Goswami) को मिसेज एशिया आइकन वर्ल्ड 2024 एन रतनश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। अवार्ड सेरेमनी का आयोजन दिल्ली की लक्सेरा होटल में किया गया। अवार्ड जीतने के बाद भीलवाड़ा पहुंची माही का उनके परिजनों ने मुंह मीठा कराके स्वागत किया। माही ने इस अवार्ड को जीतकर भीलवाड़ा के साथ प्रदेश का नाम भी रौशन किया है। बता दें कि माही ने इससे पहले 2021 में मिसेज इंडिया ग्लोबल का खिताब जीतीं थी।

माही गोस्वामी (34), राजस्थान के भीलवाड़ा के आदर्श नगर की रहने वाली है। माही के पिता सोहनपुरी गोस्वामी राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में बस चालक हैं और उनकी मां कौशल्या देवी गृहणी। माही खुद दो बच्चोंं की मां हैं। वह मॉडलिंग व अभिनय करतीं हैं। उन्होंने लोकप्रिय ब्रांडों और मशहूर हस्तियों के साथ शूटिंग की है। माही टीवी शो 'सावधान इंडिया' और 'क्राइम पेट्रोल' में भी अभिनय कर चुकीं हैैं। वह सोशल मीडिया पर बेहद ही सक्रिय हैं, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 1 लाख अधिक फॉलोइंग हैं। माही बातती हैं कि पारिवारिक कारणों की वजह से शादी जल्दी हो गई। कम उम्र में ही दो बेटों को जन्म दे दिया लेकिन कुछ करने का जज्बा और सपनों की उड़ान ने मांं बनने के बाद भी माही के जज्बे को कम नहींं होने दिया।

संघर्षों को याद करते हुए माही कहती हैं कि लोगों की सोच अलग-अलग होती है। देश में कुछ राज्य ऐसे हैं जहां कुछ लोग सोचते हैं कि लड़कियां ज़्यादा आगे नहीं बढ़ सकतीं और उन्हें अलग दृष्टिकोण से देखा जाता है। वो कहती हैं कि ऐसी सोच वालों को यही कहूंगी कि जब आप अपनी कल्पना से बढ़कर सपने देखते हैं तो आप आसमान छू सकते हैं, इसलिए जब तक आप सपने नहीं देखेंगे, तब तक आपको अपनी अहमियत का पता नहीं चलेगा।

माही बतातीं है कि मैनें बचपन से ही पैसों की तंगी देखी है। कई बार भूखे रहकर कई रातें बिताई हैं। पैसे बचाने के लिए वो कई-कई किलोमीटर पैदल चली हैं। पढ़ाई के साथ-साथ कई तरह के अन्य काम भी किया है। हर किसी की जीवन में कभी न कभी ऐसा मोड़ आता है जब लगता है कि सब कुछ बिखर चुका है। मुझे भी लगा था कि आगे क्या होगा लेकिन आप संघर्ष करिए कल आपका होगा।

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