
भीलवाड़ा के सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास के पार्क में मिली एक दिन की नवजात
भीलवाड़ा।
अजमेर चौराहे के निकट सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास के पार्क में मिली एक दिन की नवजात बालिका को सांस लेने में तकलीफ होने पर बुधवार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। इस पर चिकित्सक टीम उसे अजमेर के लिए लेकर रवाना हो गई। नवजात को खुले में ठण्डी जगह रख देने से उसकी हालत बिगड़ गई है। काफी देर तक वह ठण्डी घास पर रही। इससे उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद अजमेर भेजा। बच्ची को एमजीएच के पालने में डालने की बजाए खुले में पटक कर चले जाने से अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर दस दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के पुलिस अधीक्षक को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष त्रिवेदी ने पत्र लिखा है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी ने बताया कि नवजात को खुले में ठण्डी जगह रख देने से उसकी हालत बिगड़ गई है। काफी देर तक वह ठण्डी घास पर रही। इससे उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद अजमेर भेजा। उधर, बच्ची को एमजीएच के पालने में डालने की बजाए खुले में पटक कर चले जाने से अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर दस दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के पुलिस अधीक्षक को समिति अध्यक्ष त्रिवेदी ने पत्र लिखा है। उधर, त्रिवेदी का कहना है कि समिति को ही लावारिस मिलने वाले बच्चों का नाम रखने का अधिकार है।
एेसे में कोई और उसका नामकरण नहीं कर सकता। समिति ने बच्ची का नाम शैलेजा रखा है। गौरतलब है कि सिविल लाइन में रह रहे पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र त्यागी के आवास के सामने सरकारी क्वार्टर के पार्क में नवजात बालिका को मंगलवार रात कोई छोड़कर चला गया था। उसके रोने की आवाज से लोगों को पता चला। इस पर डीएसपी त्यागी ने उसे एमसीएच भर्ती कराया। त्यागी ने बच्ची को अंजली नाम दिया था।
Published on:
20 Sept 2017 11:21 pm
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