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कातिल पति को आजीवन कारावास, एक लाख का जुर्माना

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ मामलात) ने चार साल पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के दोषी पति गुलाबपुरा निवासी पीरू आर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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Life imprisonment murderer husband in bhilwara

Life imprisonment murderer husband in bhilwara

भीलवाड़ा।

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ मामलात) ने चार साल पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के दोषी पति गुलाबपुरा निवासी पीरू आर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक लाख रुपए जुर्माने का भी आदेश दिया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रमुख गवाह मुकर जाने के बावजूद न्यायालय ने आरोपित के घटना के दिन पुलिस थाने में किए कबूलनामे को सजा का मुख्य आधार माना।

अभियोजन पक्ष के अनुसार जोधपुर के महामंदिर थाना क्षेत्र में हरिजन बस्ती निवासी आसुलाल हरिजन ने 26 जून 2015 को गुलाबपुरा थाने में रिपोर्ट दी। परिवादी ने बताया कि उसकी छोटी बहन पिंकी (24) की शादी 27 नवंबर 2009 को माथुर कॉलोनी गुलाबपुरा के पीरू आर्य पुत्र सोहन लाल से हुई थी। पीहर पक्ष ने अपनी हैसीयत के अनुसार दहेज दिया। पिंकी के दो बच्चे हर्षित व छोटू हैं। पिंकी को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किए जाने लगा। मारपीट होने पर कई बार पीहर आने पर उसे समझाकर ससुराल भेजा गया। इसके बावजूद पीरू मारपीट करता रहा।

परिवादी ने बताया कि पीरू ने गला दबाकर पिंकी की हत्या कर दी। गुलाबपुरा थाना पुलिस ने आसुलाल की रिपोर्ट पर पीरू को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ मामलात) भीलवाड़ा के समक्ष चालान पेश किया। प्रकरण में पुलिस ने घटना के समय पीरू की मां कमला, बहन व बेटे हर्षित का बयान दर्ज किया।

16 गवाह 40 बयान

विशिष्ट लोक अभियोजक संजू बापना ने अपराध साबित करने के लिए अभियुक्त के खिलाफ १६ गवाह के बयान कराए व ४० साक्ष्य पेश किए। सुनवाई के दौरान दहेज हत्या का आरोप साबित नहीं हो सका। प्रमुख गवाह मृतका की सास कमला देवी, ननद व बेटे ने भी सुनवाई के दौरान हत्या की घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

50 हजार बच्चों के लिए
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश हिमांकनी गौड़ ने शुक्रवार को आरोपित पीरू आर्य को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने एक लाख रुपए के जुर्माना राशि से भी दंडित किया। एक लाख रुपए में से 50 हजार रुपए पिंकी के बच्चों के भरण-पोषण के लिए खाते में जमा कराने के निर्देश भी दिए। न्यायाधीश ने आरोपित पीरू के हत्या को अंजाम देने के बाद थाने पहुंचकर सूचना देने और उसकी तरफ से लिखे गए पत्र के साथ ही एफएसएल की रिपोर्ट को मुख्य आधार माना।

कबूलनामा रहा मुख्य आधार

सुनवाई के दौरान सहायक उपनिरीक्षक भीमराज ने बताया कि 26 जून 2015 सुबह 8.45 बजे एक व्यक्ति थाने आया। उसने बताया कि झगड़ा होने पर गुस्से में आकर उसने पत्नी का गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई और शव कमरे में पड़ा है। पूछताछ में उस व्यक्ति ने खुद को गुलाबपुरा निवासी पीरू आर्य बताया। बयान की तस्दीक के लिए पुलिस उसके घर पहुंची, तो पीरू की छोटी बहन घर की सफाई करती मिली। पिंकी के बारे में पूछने पर उसने कमरे में सोई होने की बात कही। कमरे में पिंकी मृत मिली। कमरे के बाहर पिंकी के बच्चे खेलते मिले।