
भीलवाड़ा। विशिष्ट न्यायालय महिला उत्पीडऩ मामला ने मंगलवार दोपहर छात्रा के साथ दुष्कर्म कर आत्मदाह के लिए मजबूर करने के मामले में मांडलगढ़ स्थिति शिवचरण माथुर राजकीय महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोटरों का खेड़ा निवासी अजीत सिंह राजपूत को अदालत ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 35000 जुर्माना अदा करने की भी आदेश दिए।
कॉलेज परिसर में किया गंदा काम
प्रकरण के अनुसार बिजौलिया की एक छात्रा ने 23 दिसंबर 2013 को बिजौलिया थाना पुलिस को अस्पताल में बयान दिए। छात्रा ने आरोप लगाया कि 30 अक्टूबर 2013 को अजीत सिंह ने अपने कुछ साथियों की मदद से उसे मांडलगढ़ कॉलेज के पिछवाड़े बुलाया। वहां उसके साथ अजीत सिंह ने दुष्कर्म किया। वहीं मोबाइल से उसकी क्लिपिंग भी तैयार की। किसी को यह बात बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
बदनामी के डर से छात्रा ने उड़ेल लिया केरोसिन
पीडि़ता ने अजीतसिंह को शादी करने की बात कही तो उसने शादी करने से इंकार कर दिया। बदनामी के डर से पीडि़ता ने 23 दिसंबर 2013 को घर पर केरोसिन उड़ेल कर आग लगा ली। शत-प्रतिशत झुलसी हालत में उसे बिजौलियां अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने से कोटा रेफर कर दिया। वहां उसके अगले दिन 24 दिसंबर को उपचार के दौरान मौत हो गई। बिजोलिया थाना पुलिस ने दुष्कर्म करने और आत्मदाह के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया।
तीन जनों को दोषमुक्त
पुलिस ने इस मामले में अजीत सिंह समेत चार जनों को गिरफ्तार किया। वही एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया। अदालत में ट्रायल के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई। अदालत ने आज अजीत सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि तीन जनों को दोषमुक्त कर दिया।
Updated on:
17 Jul 2018 02:41 pm
Published on:
17 Jul 2018 02:40 pm
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