
शम्भूगढ़ कस्बे में गुरुवार को बैलगाडिय़ों में सवार होकर बारात दुल्हन के घर पहुंचीं तो कस्बे के लोग देखने के लिए उमड़े। बारात का जगह- जगह स्वागत हुआ।
बदनोर।
शम्भूगढ़ कस्बे में गुरुवार को बैलगाडिय़ों में सवार होकर बारात दुल्हन के घर पहुंचीं तो कस्बे के लोग देखने के लिए उमड़े। बारात का जगह- जगह स्वागत हुआ। ग्रामीणों में चर्चा थी कि एक ओर आज के भौतिक युग में लाखों रुपए खर्च कर हवाई जहाज हेलिकॉप्टर एवं महंगी गाडिय़ों में बारात ले कर जाते हैं वहीं गुरुवार को शम्भूगढ़ कस्बे से कैलाश चन्द्र शर्मा के पुत्र सुनील की बारात बैलगाड़ी में सवार होकर दुल्हन के घर जयनगर गांव पहुंचीं।
यह देख ग्रामीणों को पुराना जमाना याद आ गया। बारात लेकर आए दुल्हा सुनील की बैलगाड़ी के बैलों की भव्य सजावट की गई थी। गले में घुंघरू की माला पहना रखी थी। जिसके घुंघरू खनक रहे थे। गाड़ी के पीछे नाचते- कूदते बाराती चल रहे थे। बारात जैसे ही दुल्हन के घर जयनगर गांव पहुंचीं वहां पर बरातियों का स्वागत किया।
पुरानी यादें हुई ताजा
बारात जैसे ही दुल्हन के घर के सामने पहुंची तो हर तरफ यहीं चर्चा सुनने को मिली की वर्षो पुरानी याद ताजा हो गई। जयनगर शम्भूगढ़ कस्बे मे बेलगाडियो मे सजी बरात गुजरी तो आकर्षण का केन्द्र रही।
बैलगाड़ी में सवार बारातियों का जगह—जगह स्वागत
बैलगाडियों मे सवार होकर कस्बे से गुजरी बारात तो देखने के लिए ग्रामीणों ने दोनों तरफ खड़े होकर बारातियों का जगह जगह हुआ स्वागत किया। जहां एक ओर दुनिया भौतिक युग के चलते लाखो रुपये खर्च कर दुल्हा की बरात हवाई जहाज हेलिकाप्टर एवं महंगी गाडियो मे बिठाकर बारात ले कर जाते है वही गुरुवार को शम्भूगढ़ कस्बे में सुनील की बारात बैलगाडी से पहुंची।
Published on:
19 Apr 2018 10:07 pm
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