
45 दिन में भुगतान का नियम बना एमएसएमई के गले की फांस
केन्द्र सरकार के इनकम टैक्स की धारा 43 बी (एच) में संशोधन ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के सामने नया संकट खड़ा कर दिया। इसने देश के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (सीए) की चिन्ता भी बढ़ा दी। सीए को कम्पनी के टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में एमएसएमई को देय भुगतान की जानकारी देनी होगी।
सरकार ने 45 दिन में भुगतान की पाबंदी लागू की लेकिन इससे एमएसएमई को ऑर्डर मिलने तक बंद हो गए। इस कानून से रजिस्ट्रर्ड कम्पनी व टैक्स रिपोर्ट फाइल करने वाली कम्पनी पर असर पड़ेगा जबकि सरकार व सरकारी विभाग इसके दायरे में नहीं आते हैं।
सरकारी विभागों से एमएसएमई को समय पर भुगतान नहीं मिलता था। लिहाजा केन्द्र ने वर्ष 2006 में एक्ट में संशोधन कर सरकारी विभाग व रेलवे को 45 दिन में भुगतान के आदेश दिए। असल में सरकारी विभाग 45 दिन में भुगतान नहीं कर पाए तो एमएसएमई से माल खरीदना ही बंद कर दिया। अभी देश में 25,700 से अधिक इकाइयों का लगभग 13124.23 करोड़ का भुगतान सरकारी विभागों में अटका है। राजस्थान में 1622 इकाइयों का 394.44 करोड़ रुपए बकाया है।
भुगतान के लिए बनाया पोर्टल
उद्योगों की भुगतान की समस्या के निस्तारण के लिए सरकार ने एमएसएमई पोर्टल बनाया है। इस पर 30 अक्टूबर 2017 से आज तक 25, 721 इकाइयों ने भुगतान के लिए आवेदन किया। इन इकाइयों का 13,124 करोड़ 23 लाख का भुगतान बकाया है। राजस्थान में 1622 इकाइयों ने 394.44 करोड़ रुपए भुगतान की मांग की है।
यह है नया नियम
इनकम टैक्स की धारा 43बी (एच) के तहत छोटे उद्यमी से किसी ने माल खरीदा। खरीदार ने व्यापारी को 45 दिन में भुगतान नहीं किया तो यह विक्रेता की आय से जुड़ जाएगा। इस पर उसे टैक्स भरना पड़ेगा जबकि असल में 45 दिन में भुगतान नहीं किया जाता है। 31 मार्च से पहले सभी बकाया राशि चुकानी होगी। ऐसा न करने पर लंबित भुगतान माना जाएगा और बकाया राशि व्यापारी की आय में जोड़ दी जाएगी। टैक्स के दौरान आय से इसे वसूला जाएगा।
एमएसएमई पोर्टल की स्थिति
25721 इकाइयों ने किया भुगतान के लिए आवेदन
13124.23 करोड का भुगतान बकाया
राजस्थान की स्थिति
16.25 लाख माइक्रो इकाइयां राजस्थान में
35142 स्माल इकाइयां
1622 इकाइयों ने किया भुगतान के लिए आवेदन
394.44 करोड़ का भुगतान बकाया
वित्त मंत्री से मिले
इनकम टैक्स की धारा 43 बी (एच) को लेकर बैठक रखी। इसे हटाने या संशोधन को लेकर शनिवार को दिल्ली में भीलवाड़ा सांसद सुभाष बडेडि़या के सानिध्य में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले तथा इसमें बदलाव का प्रतिवेदन पेश किया।
आरके जैन, महासचिव मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स
Published on:
11 Feb 2024 11:48 am
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