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अंधविश्वास में डूबी गरम सलाखें, छीन रही जिले में मासूमों की मुस्कान

दो वर्ष में जिले में एक दर्जन से अधिक डाम लगाने की घटना में चार मासूम बच्चों की मौत

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दो वर्ष में जिले में एक दर्जन से अधिक डाम लगाने की घटना में चार मासूम बच्चों की मौत

भीलवाड़ा।

जागरुकता लाने के तमाम दावों के बावजूद जिले में अंधविश्वास मासूम बच्चों की जान के साथ खेल रहा है। कथित इलाज के नाम पर भोपाओं के पास जाने और गरम सलाखों से बच्चों को दागने की घटनाओं पर कड़े कायदे कानून नहीं होने से प्रभावी अंकुश नहीं लग सका है। शनिवार को काछोला के दो माह के दिनेश की उपचार के नाम पर अपनों के ही गरम सलाखें से दागने से हुई मृत्यु की घटना ने फिर सरकारी तंत्र की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए है। इसके लिए ग्रामीणों की अशिक्षा भी कम दोषी नहीं है।

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जिले में सरकारी दावे है कि विभिन्न संगठनों, विधिक एवं साक्षरता समिति, आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीमारी का इलाज चिकित्सा विभाग के पास है ना ही कथित भोपों, तांत्रिकों व बाबाओं के पास, लेकिन ये सरकारी समझाइस ग्रामीण क्षेत्रों में असरकारक साबित नहीं हो रही है। आंकड़े बताते है कि गत दो वर्ष में जिले में एक दर्जन से अधिक डाम लगाने की घटना में चार मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें दो माह का दिनेश भी शामिल है। वर्ष 2017 में सर्वाधिक डाम लगाने की घटना हुई।

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मौत से जुझना पड़ गया
वर्ष 2017 में सर्वाधिक डाम लगाने की घटना हुई। 11 जनवरी 2017 को सुवाणा क्षेत्र उणीखेड़ा में देवीलाल बागरिया के चार माह की पुत्री माया को भी डाम लगाया गया। जिसका मामला सदर थाने में दर्ज है। 29 जनवरी 2017 को गंगापुर थाना क्षेत्र के चावण्डिया गांव निवासी मुकेश बैरवा के एक वर्षीय पुत्र राजू को उसकी दादी केसर ने नमोनिया की शिकायत पर निकट के ही भीलों का खेड़ा ले जा कर किसी से उसके पेट पर डाम लगवा दिया। वही30 जनवरी 2017 को भीलवाड़ा के चपरासी कॉलोनी में रहने वाले भगवान की तीन माह की पुत्री को परी को निमोनिया की शिकायत होने पर उपचार के लिए महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान बच्ची के पेट पर करीब आधा दर्जन जगह पर सलाखों से दागने के निशान मिले थे।

गरम सलाखों ने लील ली जान
रायपुर थाना क्षेत्र के गुर्जरों का खेड़ा के मनोहर सिंह रावत की दस माह की पुत्री आशा के पेट पर परिवार वालों ने गर्म सलाखों से दाग दिया था। उसकी बाद में 25 मार्च 2017 को मौत हो गई। इस मामले में रायपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।


डाम लगाने के मामले में 11 जनवरी 2017 को बनेड़ा थाना क्षेत्र में आमली निवासी निवासी जमना लाल बैरवा की दो वर्षीय पुत्री पुष्पा को गर्मतार से पेट पर डाम लगाया गया। उसने उपचार के दौरान 14 जनवरी को दम तोड़ दिया। इसी प्रकार शाहपुरा क्षेत्र में एक मासूम की मौत भी गरम सलाखों ने ले ली।

नंदनी की जान आई थी सांसत में
गंगापुर क्षेत्र के रामा का खेड़ा निवासी उदयलाल भील की चार माह की पुत्री नंदनी को सर्दी-जुकाम थी। उसके दादा भगवानलाल ने उपचार के नाम पर उसे गर्म तारों से दाग दिया। दागने से नंदनी की हालत बिगडऩे पर19 मार्च 2018 को भीलवाड़ा में भर्ती कराया गया। कारोही थाने में मामला दर्ज होने पर पुलिस ने २१ मार्च को उसे गिरफ्तार किया।

मासूम की सांसें छीनी, मामला दर्ज
काछोला के भील बस्ती में दो माह के पुत्र दिनेश को जलती रूई से डाम लगाकर उसकी सांसे छीनने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रविवार को काछोला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। हालांकि पुलिस दूसरे दिन भी डाम लगाने वाले की पहचान नहीं कर पाई। पुलिस ने परिवारजनों, रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों से पूछताछ कर सुराग लगाने का प्रयास किया।