
प्रतापपुरा पंचायत के रायपुर गांव में नवजात को ठिठुरती सर्दी में खेत में छोडऩे के बाद शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती नवजात
शाहपुरा।
उपखण्ड क्षेत्र के प्रतापपुरा पंचायत के रायपुर गांव में तीन घण्टे पहले हुई नवजात कन्या को ठिठुरती सर्दी में खेत में लावारिस हालत में छोडऩे के मामले में बेटी पर हक जता रहे परिजनों की कहानी शाहपुरा पुलिस के गले नहीं उतर रही। पुलिस का मानना है कि मां की मानसिक हालत ठीक है। आठ बच्चे पहले से होने से और अब कन्या का जन्म होने के कारण उसे प्रसव के बाद खेत में छोड़ा गया। हालांकि पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
थानाप्रभारी देरावरसिंह ने बताया कि मंगलवार को गांव पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना कर बेटी पर हक जता रहे पिता और उसकी मां के बयान लिए गए। बयान के दौरान मां की मानसिक हालत खराब होने जैसी बात बिल्कुल सामने नहीं आई है। पुलिस का मानना है कि महिला प्रसूता थी तो शौच के लिए भेजते समय उसकी सुध क्यों नहीं ली गई? महिला के घर पहुंचने के बाद नवजात की तलाश काफी देर बाद क्यों की गई? उधर, चिकित्सकों का कहना था कि नवजात की नाल व्यवस्थित रूप से कटी थी। एेसे में अनजाने में प्रसव की बात सम्भव ही नहीं। पुलिस परिजनों की कहानी को मनगढ़ंत बता रही है। मामले को संदिग्ध मानते गम्भीरता से जांच की जा रही है। इधर, नवजात का भीलवाड़ा के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
गौरतलब है कि रायपुर गांव में सोमवार सुबह नवजात कन्या खेत में कड़ाके की सर्दी में ठिठुरते मिली थी। ग्रामीणों ने उसे सैटेलाइट अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने से उसे जिला मुख्यालय रैफर कर दिया था। इस बीच बारह घण्टे बाद सोमवार शाम को रायपुर में रहने वाला एक व्यक्ति बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी के समक्ष पेश होकर नवजात को उसकी बेटी बताया। उसका कहना था कि उसकी पत्नी की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। अलसुबह शौच के लिए घर से निकली थी। रास्ते में उसका प्रसव हो गया। प्रसव के बाद वह बेहोश हो गई। होश आने पर घर पहुंच गई। इस बीच ग्रामीणों ने खेत में नवजात के रोने की आवाज पर पता चला।
Published on:
28 Nov 2017 09:33 pm
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