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खेत में मिली नवजात के मामले में आया मोड़, 12 घण्टे बाद पहुंचे पिता बोले, बेटी हमारी

रायपुर गांव में सोमवार सुबह मानसिक रूप से कमजोर गर्भवती ने खेत में बालिका को जन्म दिया

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रायपुर गांव में सोमवार सुबह मानसिक रूप से कमजोर गर्भवती ने खेत में बालिका को जन्म दिया। थोड़ी देर बाद वह अकेली घर आ गई।

शाहपुरा।

उपखंड क्षेेत्र के प्रतापपुरा पंचायत के रायपुर गांव में सोमवार सुबह मानसिक रूप से कमजोर गर्भवती ने खेत में बालिका को जन्म दिया। थोड़ी देर बाद वह अकेली घर आ गई। इस बीच नवजात तीन घंटे तक खेत में ही पड़ी रही। सर्दी में ठंडी जमीन पर रहने से उसका शरीर शिथिल हो गया। सुबह निकट ही मंदिर में दर्शन करने आए लोगों को नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। तब उसे शाहपुरा सैटेलाइट अस्पताल लाया गया। लम्बे समय खेत पर ठिठुरने से मासूम की हालत बिगड़ गई। उसे जिला मुख्यालय के लिए रैफर कर दिया। उधर, बारह घण्टे बाद नवजात के पिता बाल कल्याण समिति के समक्ष शाम को पेश हुए। उनका कहना था कि खेत में मिली नवजात उनकी बेटी है। उसकी पत्नी की मानसिक हालत ठीक नहीं होने से प्रसव के बाद बच्ची वहां पड़ी रही। समिति ने शाहपुरा थाना पुलिस को जांच के आदेश दिए है।

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पुलिस के अनुसार रायपुर में मंदिर के पीछे पूर्व सरपंच रामेश्वरलाल जाट के खेत में सुबह श्रद्धालुओं ने रोने की बच्चे के रोने की आवाज सुनी। खेत में जाकर देखा तो एक नवजात बालिका झाडि़यों के बीच जमीन पर पड़ी थी। उसके शरीर पर कांटे चुभे हुए थे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शाहपुरा थाने के उपनिरीक्षक सुरेन्द्र मिश्रा तुरंत मौके पर पहुंचे। वे ग्रामीणों के साथ नवजात को शाहपुरा अस्पताल ले आए। यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल ले जाया गया। इस बीच जिला बाल कल्याण समिति को सूचित किया गया।

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यहां बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी अस्पताल पहुंची। उन्होंने बताया कि बच्ची का वजन 1.658 किलो है। बच्ची समय पूर्व पैदा हुई। लम्बे समय सर्दी में रहने से उसका शरीर नीला पड़ गया। सांस लेने में दिक्कत आ रही है। फिलहाल उसकी हालत ठीक नहीं है। नवजात का नाम यशस्वी रखा गया है। रायपुर गांव में ही रहने वाला एक व्यक्ति बारह घण्टे बाद समिति अध्यक्ष त्रिवेदी के समक्ष पेश हुआ। उसका कहना था कि नवजात उनकी बेटी है। पत्नी गर्भवती थी। वह मानसिक रूप से कमजोर है। सुबह घर शौच के लिए घर से निकली थी। रास्ते में खेत और बाड़ा निकट ही है। वहां उसका प्रसव हो गया। प्रसव के बाद पत्नी बेहोश हो गई। होश आने पर घर पहुंची तो उसे प्रसव के बारे में पूछा। वह ठीक से जवाब नहीं दे पाई। नवजात मिलने की खबर गांव में फैलने पर इसका पता लगा। वह पुत्री को रखना चाहते हैं। समिति ने फिलहाल नवजात की हालत गम्भीर होने से उसे परिजनों के सुपुर्द नहीं किया।