21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब पीएचसी पर भी डिजिटल दवा वितरण, 25 से शुरू करना जरूरी

राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान ने प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आइएचएमआइएस सॉफ्टवेयर के फार्मेसी मॉड्यूल को 25 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। […]

less than 1 minute read
Google source verification
Now digital medicine distribution at PHCs too, starting from 25th

Now digital medicine distribution at PHCs too, starting from 25th

राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान ने प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आइएचएमआइएस सॉफ्टवेयर के फार्मेसी मॉड्यूल को 25 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में विभाग के आदेश 10 जनवरी के तहत प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।

मॉड्यूल के पीछे सरकार की मंशा

मरीजों की आभा हेल्थ आईडी से लिंक, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करना, इलाज, दवा पर्ची और दवा वितरण का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित व सुलभ बनाना है।

अभी यहां है लागू, 25 से यहां होगा

जिला चिकित्सालय, उप-जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लागू है। अब दूसरे चरण में सभी पीएचसी को इसके दायरे में लाया जा रहा है। कम ओपीडी वाले पीएचसी के लिए विशेष व्यवस्था जिन पर प्रतिदिन 100 से कम ओपीडी पंजीकरण होते हैं वहां दवा पर्ची एंट्री व वितरण का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के ऑपरेटर इस व्यवस्था को देखेंगे।

मरीजों को यह मिलेगा फायदा दवा वितरण में पारदर्शिता, स्टॉक प्रबंधन अधिक प्रभावी, फर्जी या दोहरी एंट्री पर रोक, सरकार को दवा आपूर्ति व उपयोग का रियल-टाइम डेटा, मरीजों को तेज, सटीक और रिकॉर्ड-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी।