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भीलवाड़ा। सुवाणा पंचायत समिति के नवगठित पंचायत गठिला खेड़ा में पट्टा शुदा जमीनों को अवैध तरीक से बेचने के खुलासे के बाद मामले की जांच जिला कलक्टर शिव प्रसाद नकाते ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामचन्द्र बैरवा को सौंपी है। उन्होंने समूचे मामले की जांच जल्द कर बैरवा को तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। राजस्थान पत्रिका ने शनिवार के अंक में 'पचास हजार दो और जमीन पर कब्जा लोÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर गठिला खेड़ा में फर्जी तरीके से पूर्व में आवंटित जमीनों पर नए सिरे से कब्जे दिलाने के नाम पर लोगों से पचास-पचास हजार रुपए वसूले जाने का खुलासा किया था।
५७ ने अभी तक खरीदी जमीन
इधर, आटूण के पूर्व सरपंच औंकार गाडऱी का कहना है कि सालों पूर्व आटूण पंचायत ने कई लोगों को बीड़ का खेड़ा व आसपास में जमीन आवंटित कर पट्टे जारी कर दिए थे, लेकिन पंचायत में राजस्व रिकार्ड अस्त व्यस्त होने से कई भूखंडों का राजस्व रिकार्ड नहीं मिल पा रहा है। इसका फायदा कुछ लोग उठा रहे है और जमीनों का फर्जी बेचान कर रहे है। उन्होंने बताया कि ५७ लोग अभी तक झांसे में आ कर ५०-५० हजार रुपए में जमीन खरीद चुके है। पत्रिका के खुलासे के बादवह ठगा महसूस कर रहे है। गाडऱी का आरोप है कि क्षेत्र के तीन लोग प्रभावशालियों के कहने पर यह राशि वसूल रहे है।
राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी
जानकारों का कहना है कि आटूण पंचायत में परिसीमन से पूर्व कई गांव शामिल थे, कई गांवों के राजस्व रिकार्ड की हेराफेरी हो गई, पुराने स्टाम्पों पर कई जमीनें बिक गई और कई कब्जे हो गए, अवैध कब्जों के बाद कईयों ने यह जमीनें अन्य लोगों को भी सस्ते दामों में बेच दी।
Published on:
18 Jul 2021 11:52 am
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