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अटकी हमारी प्यास, भीलवाड़ा में 72 घंटे के अंतराल से आएगा पानी

- बड़ा सवाल: तीन जलस्त्रोत होने के बावजूद भीलवाड़ा प्यासा क्यों - पारा चढ़ते ही फूल गई सांसें, साढ़े चार माह में चौथी बार पटरी से उतरी जलापूर्ति की गाड़ी - भीषण गर्मी में पानी के लिए लोगों को लगवा रहे दौड़

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अटकी हमारी प्यास, भीलवाड़ा में 72 घंटे के अंतराल से आएगा पानी

अटकी हमारी प्यास, भीलवाड़ा में 72 घंटे के अंतराल से आएगा पानी

टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की जलापूर्ति की गाड़ी फिर पटरी से उतर गई। जलदाय विभाग और चम्बल परियोजना के अफसरों के कुप्रबंधन के कारण 48 घंटे के बजाए भीलवाड़ा शहर को 72 घंटे में पेयजल नसीब होगा। हर जोन में एक-एक दिन पेयजल आपूर्ति आगे खिसका दी गई है। अफसरों ने गर्मी में लोगों को बूंद-बूंद के लिए भटकने को छोड़ दिया। शहर में हर रोज सुबह होने वाली सप्लाई अब एक-एक दिन आगे बढ़ेगी। सोमवार की सप्लाई अब मंगलवार सुबह होगी। तीन-चार दिन में जलापूर्ति सामान्य होने के आसार हैं।

जलापूर्ति की गाड़ी बेपटरी होने के पीछे अफसरों का तर्क है कि भैसरोड़गढ़ से आ रहा पानी बिजली में फाल्ट के कारण अटक गया। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि डेढ़ दशक तक मेजा बांध और ककरोलिया घाटी के सहारे वस्त्रनगरी की प्यास बुझी जबकि चम्बल परियोजना आने के बाद शहर के लिए वरदान बनी। शहर की प्यास बुझाने के लिए तीन जलस्त्रोत होने के बाद भी साढ़े चार माह में चौथा मौका है जब पेयजल आपूर्ति आगे बढ़ाई गई है।

15 घंटे नहीं पहुंचा पानी, टंकियां नहीं भर पाई
भैसरोड़गढ़ में बिजली व्यवस्था ठप होते ही रविवार शाम सात बजे भीलवाड़ा में पानी आना बंद हो गया। सोमवार सुबह करीब 10 बजे शहर में पानी पहुंचा। करीब 15 घंटे पानी नहीं आने से अफसरों की सांसें फूल गई। येनकेन सप्लाई आगे बढ़ाने की नौबत आ गई। सोमवार को कई कॉलोनियों में लोग पानी का इंतजार करते रहे, लेकिन नल से बूंद तक नहीं टपकी। लोगों को पेयजल के भटकना पड़ा। प्याऊ, सरकारी नल, हैडपम्प व नलकूप की दौड़ लगानी पड़ी। इससे पहले 26 फरवरी, 5 मार्च और उसके बाद 25 मार्च को सप्लाई आगे खिसकी थी।

कहां से कितना ले रहे पानी
मेजा बांध - 50 लाख लीटर
ककरोलिया घाटी - 50 लाख लीटर
चम्बल परियोजना - 650 लाख लीटर

पहले से ये समस्या गंभीर
- हौद में उतरकर पानी भरने की मजबूरी
- प्रेशर के साथ पानी नहीं आता
- जगह-जगह लीकेज से अमूल्य नीर बर्बाद हो रहा
- शिकायत के बाद भी अफसर नहीं सुनते
- पेयजल लाइन के बराबर सीवरेज लाइन, हर टूटने से गंदा पानी मिल रहा
.....
जरा समझिए पानी का गणित
110 जोेन
भीलवाड़ा शहर में जलापूर्ति के
750 लाख
लीटर पानी की रोजाना आपूर्ति
3600 करोड़
की परियोजना की धूलधाणी कर रहे अफसर
3 जलस्त्रोत
भीलवाड़ा शहर की बुझाते प्यास
48 घंटे
में मिलता शहर काे पानी
4 बार
इस साल पानी अटका
48 टंकियों से
शहर पीता पानी