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राजस्थान में पंचायतीराज कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा

मांगों को लेकर पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी उतरे मैदान में सभी जिलों में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन विभागीय मांगों की अनदेखी और बदनाम करने वाले संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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Panchayati Raj employees protest against the government in Rajasthan

Panchayati Raj employees protest against the government in Rajasthan

भीलवाड़ा पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघर्ष समिति जयपुर के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर में सभी जिला मुख्यालयों और ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में भीलवाड़ा जिला स्तरीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में जिला कलक्टर कार्यालय पर मुख्यमंत्री, पंचायतीराज मंत्री, मुख्य सचिव, शासन सचिव एवं पंचायतीराज विभाग आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

जिला अध्यक्ष आशीष कुमार भट्ट ने बताया कि पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों की अनेक मांगें लम्बे समय से लंबित पड़ी हैं। इन पर बार-बार सरकार और विभाग का ध्यान आकर्षित करवाया गया है। अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है। इसके विपरीत, कुछ संगठनों की ओर से बिना साक्ष्यों के विभागीय चयन प्रक्रियाओं को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय है।

जिला महामंत्री प्रकाश वैष्णव ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में बुधवार को ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन सौंपे गए। दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए गए। आगामी रणनीति प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देशन में बनाई जाएगी।

अन्य संगठन कर्मचारियों को कर रहे बदनाम

वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामलाल सुथार, गोपाल सालवी और कोषाध्यक्ष सत्यनारायण गुर्जर ने सरकार से मांग की कि विभाग को बदनाम करने वाले संगठनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। कर्मचारी वर्ग की छवि धूमिल करने का षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदेशभर में एकजुटता का प्रदर्शन

प्रदेश प्रतिनिधि राधेश्याम अहीर, ब्लॉक अध्यक्ष शिवदयाल (जहाजपुर), शांतिलाल (सहाड़ा), ओम प्रकाश (बिजौलिया), डालचंद (सुवाणा), गुलाबचंद (रायपुर), किशनलाल (बनेड़ा), सांवरमल तेली (कोटड़ी) सहित अन्य कर्मचारियों ने ज्ञापन में भाग लिया। प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वैष्णव ने कहा कि यह पहली बार देखा गया है कि कुछ प्रतिद्वंदी संगठनों ने कर्मचारी एकता के विरुद्ध ज्ञापन प्रस्तुत किए, जो गंभीर विषय है। उन्होंने ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • - पदनाम परिवर्तन।
  • - कार्य विभाजन
  • - अंतर जिला स्थानांतरण
  • - नोशनल परिलाभ
  • - शेष पदों पर नियुक्ति
  • - ग्रामीण भत्तों की स्वीकृति
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