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पर्युषण: क्षमा सबसे बड़ा पुण्य, मन-वचन-काया से मिच्छामी दुक्कड़म

भक्तिभाव से संवत्सरी आराधना, आज सामूहिक क्षमायाचना

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पर्युषण: क्षमा सबसे बड़ा पुण्य, मन-वचन-काया से मिच्छामी दुक्कड़म

पर्युषण: क्षमा सबसे बड़ा पुण्य, मन-वचन-काया से मिच्छामी दुक्कड़म

भीलवाड़ा. श्वेताम्बर जैन समाज के आठ दिवसीय पर्युषण पर्व के अंतिम दिन मंगलवार को संवत्सरी मनाया। सुबह प्रवचनों में अंतगड़ दशांग सूत्र का वाचन हुआ। धर्मसभाओं में चातुर्मास कर रहे संत-साध्वियों ने सवंत्सरी का महत्व बताया। कहा कि क्षमा सबसे बड़ा पुण्य है। संवत्सरी पर प्राणी मात्र से मन, वचन व काया से मिच्छामी दुक्कड़म करते हैं। जाने-अनजाने में हुई भूलों व गलतियों को क्षमा करें। शाम को प्रतिक्रमण आराधना में भी विभिन्न स्थानकों में श्रावक-श्राविकाओं की भीड़ उमड़ी। प्रतिक्रमण के बाद सभी ने एक-दूसरे से क्षमायाचना भी की। पर्युषण के समापन पर बुधवार को विभिन्न श्रीसंघ सामूहिक क्षमायाचना कार्यक्रम रखेंगे।


रूप रजत विहार में उमड़ा आस्था व भक्ति का सैलाब

चन्द्रशेखर आजादनगर के रूपरजत विहार में संवत्सरी साध्वी इन्दुप्रभा के सान्निध्य में मनाई। तपस्या, साधना व भक्ति की ऐसी अविरल धारा बही कि करीब एक दर्जन तपस्वियों ने अठाई या उससे बड़ी तपस्या के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। नवकार महामंत्र का जाप किया। साध्वी इन्दुप्रभा, दर्शनप्रभा, समीक्षाप्रभा, दीप्तिप्रभा, तरूण तपस्वी हिरलप्रभा ने विचारों व गीतों से क्षमायाचना की। श्रीसंघ अध्यक्ष राजेन्द्र सुकलेचा, नवरतनमल बाफना ने साध्वी मण्डल सहित सबसे क्षमायाचना की। राजेन्द्र लोढ़ा, जैन कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय महिला शाखा की अध्यक्ष पुष्पा राजेन्द्र गोखरू ने भी विचार रखे। संचालन गौरव तातेड़ ने किया। प्रतिक्रमण समाप्त के बाद मिच्छामी दुक्कड़म बोल आपस में भी क्षमायाचना की गई। बुधवार सुबह 9 बजे सामूहिक क्षमायाचना का कार्यक्रम होगा।

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आत्म अवलोकन का महापर्व संवत्सरी

तेरापंथ भवन में मुनि हर्षलाल, मुनि यशवंत कुमार के सानिध्य में संवत्सरी धर्म आराधना के साथ मनाया गया। मुनि हर्षलाल ने आगम आधारित प्रवचन में जैन परंपरा के आचार्य सुधर्मा स्वामी से आचार्य स्थूली भद्र तक का वर्णन किया। मुनि पारस कुमार ने कहा कि पर्व अनेक होते हैं पर आत्मा से जुड़ा ये पर्व संवत्सरी होता है। आज के दिन हम अपने भीतर रहे। नीलम लोढ़ा ने बताया कि मंगलवार शाम सामूहिक प्रतिक्रमण के बाद एक दूसरे से क्षमायाचना की गई। बुधवार सुबह 9.15 बजे तेरापंथ भवन में सामूहिक क्षमापना पर्व होगा। श्री संघ के तत्वाधान में शांति जैन मंडल महिला मंडल की ओर से धार्मिक प्रतियोगिताएं कराई गई। मंत्री प्रेरणा लोढा व अध्यक्ष सुनीता बोरदिया ने बताया कि 150 महिलाओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया।