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रिहायशी इलाके में चल रहा था ‘जहर’ का कारोबार: पटेलनगर में 2 फैक्ट्रियां सीज

1500 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, 12 मशीनें सील प्रदूषण मंडल और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई शहर के पटेलनगर क्षेत्र में चल रहे अवैध प्लास्टिक निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का गुरुवार को भंडाफोड़ हुआ। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर निगम की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए सिंगल […]

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Poison business was going on in a residential area: 2 factories seized in Patel Nagar

Poison business was going on in a residential area: 2 factories seized in Patel Nagar

1500 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, 12 मशीनें सील

प्रदूषण मंडल और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई

शहर के पटेलनगर क्षेत्र में चल रहे अवैध प्लास्टिक निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का गुरुवार को भंडाफोड़ हुआ। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर निगम की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने वाली दो फैक्ट्रियों को सीज कर दिया। रिहायशी मकानों की आड़ में चल रहे इस कारोबार से मौके पर करीब 1500 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक और 12 मशीनें जब्त की गई हैं।

राजस्थान पत्रिका के आठ दिसंबर के अंक में सिंगल यूज प्लास्टिक: अब सप्लाई पॉइंट्स पर होगी सीधी कार्रवाई शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए थे। इसके तहत यह कार्रवाई की गई है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देश पर जिले भर में चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग को पटेलनगर के एक मकान में चोरी-छिपे प्रतिबंधित प्लास्टिक कोटेड सामग्री बनाए जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। इस पर नगर निगम की टीम के साथ तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई।

आरडी एंटरप्राइजेज और एक अन्य पर गाज

टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां आरडी एंटरप्राइजेज नाम से एक फैक्ट्री संचालित मिली, जहां धड़ल्ले से प्लास्टिक कोटेड माल तैयार किया जा रहा था। इसके कुछ ही कदम दूरी पर कविता शर्मा के नाम से संचालित एक अन्य फैक्ट्री भी पकड़ी गई। दोनों स्थानों पर छोटी-बड़ी कुल 12 मशीनें लगी हुई थीं, जिन्हें टीम ने मौके पर ही सीज कर दिया।

पहले किया विरोध, फिर मानी गलती

छापेमारी के दौरान फैक्ट्री मालिकों और उद्यमियों ने टीम की कार्रवाई का विरोध किया और हंगामा करने का प्रयास किया। हालांकि, अधिकारियों ने जब उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक पर राज्य सरकार के कड़े प्रतिबंध और एनजीटी के नियमों का हवाला दिया, तो वे शांत हुए। टीम ने स्पष्ट किया कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध है।

मशीनें सील, चाबियां निगम के हवाले

कार्रवाई के अंत में दोनों फैक्ट्रियों की 12 मशीनों और 1500 किलो तैयार व कच्चे माल को जब्त कर सील कर दिया गया। सीज मशीनों व फैक्ट्रियों की चाबियां नगर निगम कर्मचारियों को सुपुर्द कर दी गई हैं, ताकि दोबारा संचालन न हो सके।

टीम में ये रहे शामिल

इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रदूषण नियंत्रण मंडल और निगम के अधिकारी मुस्तैद रहे। इसमें दीपक धनेटवाल, महेश सिंह, जितेन्द्र मीणा, कन्हैयालाल कुमावत नगर निगम से संजय खोखर, जोरावर सिंह व अन्य कर्मचारी।