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सुरेश जैन . भीलवाड़ा।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पात्र परिवारों को भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इसके पीछे मुख्य कारण केन्द्र सरकार की ओर से शुरू किए गए आवास प्लस ऐप का बन्द होना माना जा रहा है। तकनीकी कारणों से एेप बन्द होने के चलते प्रदेश के 76 हजार 774 परिवार योजना से वंचित रह गए हैं। योजना के तहत चिह्नित पात्र परिवारों की संख्या 14 लाख 62 हजार 821 है। आवास प्लस ऐप पर 13 लाख 96 हजार 642 परिवारों की जानकारी ही अपलोड हो सकी है। 76774 परिवारों की जानकारी अपलोड नहीं हो पाई है। इनमें सबसे अधिक 19037 परिवार बूंदी और 11205 परिवार बाड़मेर के हैं। श्रीगंगानगर में 6753, राजसमंद में 5471 तथा भीलवाड़ा में 3189 से अधिक परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने गंभीर मानते हुए प्रदेश के 26 कलक्टरों को पत्र लिखा है।
पंचायतीराज विभाग के प्रमुख सचिव राजेश्वर सिंह ने 19 दिसंबर को कलक्टरों को भेजे गए पत्र में कहा है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण पात्र परिवारों को योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। यह भी उस स्थिति में जबकि पिछले नौ महीनों के दौरान विभाग 11 पत्र लिख चुका है। इसे खेदजनक स्थिति बताते हुए कहा गया है कि कलक्टर स्वयं योजना की समीक्षा कर और वंचित परिवारों की जानकारी जुटाएं।
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत चिह्नित वंचित पात्र परिवारों की जानकारी आवास प्लस एेप के माध्यम से 'आवास सॉप्टÓ पर अपलोड की जानी थी। आखिरी तारीख 30 नवंबर तक शत-प्रतिशत परिवारों की जानकारी 'आवास सॉफ्टÓ पर अपलोड नहीं की जा सकी। इसका खमियाजा परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
अधिकारी अपडेट रहें
जिला कलक्टरों से कहा गया है कि वे अपने स्तर पर प्रगति की समीक्षा करें। जिला अपीलांट कमेटी से सत्यापित सूची के अनुसार बकाया चिह्नित परिवारों की जानकारी ऐप के ऑफलाइन मोड में संकलित करें। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से विशेष शिथिलता प्राप्ति पर आवास ऐप प्लस पुन: सक्रिय होने पर सूचना उसी दिन ऑनलाइन अपलोड हो सके।
आवास ऐप प्लस बन्द होने से अटका काम
केन्द्र सरकार की ओर से शुरू किए गए आवास ऐप प्लस 30 नवम्बर को बन्द होने से डाटा अपडेट होने से रह गए थे। इसके शुरू होने पर अपलोड कर दिए जाएंगे।
एसएन उपाध्याय, अधिशासी अभियन्ता, जिला परिषद, भीलवाड़ा
Published on:
28 Dec 2018 05:03 pm
